Thursday, February 19, 2026
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सूर्य, चंद्रमा और गुरु बृहस्पति के एक राशि में आने पर होता है कुंभ- रमनीक महाराज

चंद्रशेखर धरणी, चंडीगढ़ : प्रयागराज की पावन धरा पर आयोजित महाकुंभ पर राष्ट्र में सनातन की अलख जगाने वाले सद्भावना दूत धर्माचार्य स्वामी डॉ. रमनीक कृष्ण महाराज ने इस बार के कुंभ को अति दिव्य कुंभ बताते हुए कहा के जब सूर्य, चंद्रमा और गुरु बृहस्पति एक ही राशि में आते हैं, तो उसे कुंभ कहते है। इस बार का वही योग बन रहा है जो योग धनवंतरी भगवान ने जब यह पवित्र जल प्रयागराज की पुण्य धरा पर प्रथम बार बरसाया था।

144 वर्ष के बाद ऐसा अद्भुत योग बना हैं। महाकुंभ की ववस्थाओं पर चर्चा करते हुए पूज्य महाराज ने बताया के इस बार के कुंभ को देखकर ज्ञात होता है के अगर विश्व के किसी भी राष्ट्र को इतने बड़े आयोजन की व्यवस्था करनी हो तो भारत से शिक्षा ले सकते है, की जिसमे अभी तक के दोनो प्रमुख स्नानो में लगभग 5 करोड़ भक्तजन स्नान कर चुके हैं, परंतु कहीं पर कोई कोई अव्यवस्था नहीं हुई। अत्यधिक सुव्यवस्थित इस दिव्य कुंभ का प्रबंधन किया गया है।

शाही स्नान पर प्रश्न का उत्तर देते हुए महाराज जी ने बताया के जिस एक शब्द को हम सनातनी आज तक ढो रहे थे इस बार संतो के कथन पर उस शब्द के स्थान पर राजसी, जो सनातन का मूल शब्द है वो नाम दिया गया है। अब की बार मुख्य रूप से छह राजसी स्नान होंगे। पत्रकार द्वारा भीम आर्मी के प्रमुख सांसद चंद्रशेखर द्वारा की गई विवादित टिप्पणी पर महाराज जी ने उत्तर देते हुए कहा के वो लोग जो सनातन को प्रतिदिन गालियां देते हैं, बाबर को अपना बाप बताते हैं और ओरंगजेब को अपना दादा बताते हैं, वो अपना डीएनए चेक कराएं इन सबका मूल सनातन ही निकलेगा।

जीते जी ये भी प्रयाग राज जाकर कुंभ में स्नान करें, नही तो मरने के बाद इनकी हड्डियां भी गंगा में ही बहेंगी। सनातन समस्या नहीं समाधान है। आज सनातन की शरणागति हो जाओ नहीं तो तुम्हारी नस्ले तुम्हे स्वीकार नहीं करेंगी। पूज्य महाराज 19 से 25 फरवरी तक कुंभ में श्रीमद्भगवत कथा का आयोजन करने जा रहे हैं।

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