जालंधर के पास फगवाड़ा स्थित लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) ने अमेरिकी उत्पादों के बहिष्कार का ऐलान किया है। विश्वविद्यालय के चांसलर और आम आदमी पार्टी (AAP) के राज्यसभा सांसद अशोक कुमार मित्तल ने स्पष्ट किया कि कैंपस में अब किसी भी तरह के अमेरिकी सामान की बिक्री नहीं होगी।
अशोक मित्तल ने बताया कि उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से आग्रह किया था कि भारत पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाने के बजाय बातचीत के जरिए समाधान तलाशा जाए। लेकिन अमेरिकी प्रशासन ने उनकी अपील पर ध्यान नहीं दिया। उन्होंने कहा कि अगर 27 अगस्त के बाद भी अमेरिका अपने फैसले पर अड़ा रहता है तो LPU कैंपस में अमेरिकी उत्पादों का पूर्ण बहिष्कार लागू कर दिया जाएगा।
गौरतलब है कि अमेरिका ने हाल ही में भारत से आयातित कई वस्तुओं पर 50 प्रतिशत तक टैरिफ लगाने की घोषणा की है। अमेरिकी सरकार का कहना है कि यह कदम उनके घरेलू उद्योगों की सुरक्षा के लिए आवश्यक है। वहीं, भारत का तर्क है कि यह फैसला WTO (वर्ल्ड ट्रेड ऑर्गेनाइजेशन) के नियमों के खिलाफ है और इससे द्विपक्षीय व्यापारिक संबंधों पर नकारात्मक असर पड़ेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह विवाद बातचीत से नहीं सुलझा तो आईटी, शिक्षा और अन्य प्रमुख क्षेत्रों पर भी इसका असर देखने को मिल सकता है। अशोक मित्तल ने भारतीयों से अपील की कि जब तक अमेरिका अपना फैसला वापस नहीं लेता, सभी को मिलकर अमेरिकी उत्पादों का बहिष्कार करना चाहिए। उनके अनुसार, यही तरीका अमेरिका को सबक सिखाने में सबसे प्रभावी साबित होगा।

