मानसून की भारी बारिश ने देश के बड़े शहरों में ट्रैफिक व्यवस्था को बुरी तरह प्रभावित किया है। जलजमाव, सड़क धंसने और भूस्खलन की घटनाओं के कारण हजारों यात्री घंटों तक सड़कों पर फंसे रहे।
हरियाणा के गुरुग्राम में, बारिश के कारण दिल्ली-जयपुर हाईवे (NH-48) का एक हिस्सा धंस गया। इस घटना ने ट्रैफिक की रफ्तार और धीमी कर दी, जो पहले से ही बारिश के कारण रेंग-रेंग कर चल रहा था। हाईवे पर जल्द ही 10 किलोमीटर लंबा ट्रैफिक जाम लग गया, जिससे ऑफिस जाने वालों और लंबी दूरी की यात्रा करने वालों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। प्रशासन ने तुरंत ट्रैफिक एडवाइजरी जारी कर यात्रियों से सावधानी बरतने की अपील की।
महाराष्ट्र में भी स्थिति उतनी ही चिंताजनक थी। भारी बारिश के कारण मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे के नए कनेक्टिंग लिंक पर भूस्खलन हुआ, जिससे मलबा गिरने से रास्ता पूरी तरह बंद हो गया। सुरक्षा के मद्देनजर अधिकारियों ने वाहनों की आवाजाही रोक दी, जिससे ट्रैफिक लगभग 18 से 19 घंटे तक ठप रहा। राहत और बचाव दलों की कड़ी मशक्कत के बाद ही ट्रैफिक व्यवस्था बहाल हो पाई।
लगातार हो रही बारिश ने एक बार फिर बड़े शहरों में बुनियादी ढांचे और सड़क सुरक्षा प्रणालियों की कमियों को उजागर किया है। जलजमाव और भूस्खलन की घटनाएं यह बताती हैं कि मानसून के मौसम के दबाव का सामना करने के लिए शहरी तैयारियां नाकाफी हैं। हालांकि व्यवस्था बनाए रखने के लिए विभिन्न स्थानों पर ट्रैफिक पुलिस और राहत दल तैनात किए गए हैं, लेकिन मानसून का मौसम यात्रियों के लिए एक बड़ी चुनौती साबित हो रहा है।

