Union Budget 2026 : बैंकिंग सेक्टर पर फोकस, सुधारों को मिलेगी नई रफ्तार
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने बजट भाषण में बैंकिंग और वित्तीय क्षेत्र को मजबूत करने के लिए कई अहम घोषणाएं कीं।
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने बजट भाषण में बैंकिंग और वित्तीय क्षेत्र को मजबूत करने के लिए कई अहम घोषणाएं कीं। उन्होंने साफ किया कि सरकार सुधार-आधारित विकास (Reform-based Growth) की नीति पर आगे बढ़ते हुए बैंकिंग सेक्टर को विकसित भारत की दिशा में एक मजबूत स्तंभ के रूप में तैयार करेगी।
बैंकिंग पर बनेगी उच्च-स्तरीय समिति
वित्त मंत्री ने बताया कि ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए बैंकिंग सेक्टर के लिए एक उच्च-स्तरीय समिति के गठन का प्रस्ताव रखा गया है। यह समिति बैंकिंग सुधारों, संरचनात्मक मजबूती और दीर्घकालिक विकास को लेकर सुझाव देगी।
विद्युत वित्त निगम और आरईसी के पुनर्गठन का प्रस्ताव
बजट में विद्युत वित्त निगम (PFC) और ग्रामीण विद्युतीकरण निगम (REC) के पुनर्गठन का भी प्रस्ताव किया गया है। सरकार का मानना है कि इससे ऊर्जा क्षेत्र और अधिक सक्षम बनाया जा सकेगा।
विदेशी मुद्रा प्रबंधन नियमों की होगी व्यापक समीक्षा
वित्त मंत्री ने कहा कि विदेशी मुद्रा प्रबंधन नियमावली (FEMA) की व्यापक समीक्षा की जाएगी। इसका उद्देश्य विदेशी निवेश को सरल बनाना और अंतरराष्ट्रीय वित्तीय लेन-देन को अधिक पारदर्शी व सुगम बनाना है।
कॉरपोरेट बॉन्ड बाजार को मिलेगा बढ़ावा
बजट में कॉरपोरेट बॉन्ड बाजार को विस्तार देने पर विशेष जोर दिया गया है। निधियों और डेरिवेटिव्स के लिए नए अवसर विकसित किए जाएंगे। इसके साथ ही कॉरपोरेट बॉन्ड्स पर पूर्ण रिटर्न स्वैप (Total Return Swap) शुरू करने का प्रस्ताव भी रखा गया है, जिससे बाजार में तरलता बढ़ने की उम्मीद है।
म्यूनिसिपल बॉन्ड्स को प्रोत्साहन
बड़े शहरों में उच्च मूल्य वाले म्यूनिसिपल बॉन्ड्स को बढ़ावा देने का ऐलान किया गया है। इसके तहत 1000 करोड़ रुपये से अधिक के एकल बॉन्ड पर 100 करोड़ रुपये के प्रोत्साहन का प्रस्ताव रखा गया है। वहीं, छोटे और मध्यम कस्बों के लिए 200 करोड़ रुपये तक के बॉन्ड जारी करने की अमृत योजना को जारी रखने की घोषणा की गई है।
PROC निवेश सीमा में बढ़ोतरी
वित्त मंत्री ने बताया कि PROC (Person Resident Outside India) के लिए व्यापार की सुगमता को और बेहतर बनाया जाएगा। व्यक्तिगत पीआरओआई के लिए निवेश सीमा 5 प्रतिशत से बढ़ाकर 10 प्रतिशत की जाएगी। वहीं व्यक्तिगत पीआरओआई के लिए समग्र निवेश सीमा 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 24 प्रतिशत करने का प्रस्ताव रखा गया है।
वित्तीय बाजारों को मिलेगी मजबूती
इन घोषणाओं के जरिए सरकार का लक्ष्य बैंकिंग, बॉन्ड और वित्तीय बाजारों में निवेश बढ़ाना, जोखिम प्रबंधन को मजबूत करना और शहरी व अर्ध-शहरी बुनियादी ढांचे के विकास को गति देना है।
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