UP News : सौर ऊर्जा के साथ आधुनिकता की ओर बढ़ रहा कानपुर, हुआ 64 मेगावाट बिजली का उत्पादन…

प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत, कानपुर शहर में सोलर रूफटॉप सिस्टम की क्षमता 64 मेगावाट तक पहुंच गई है। 20,756 से ज़्यादा सोलर सिस्टम लगने के साथ, कानपुर ने राज्य में तीसरा स्थान हासिल किया है।

Jan 16, 2026 - 14:14
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UP News : सौर ऊर्जा के साथ आधुनिकता की ओर बढ़ रहा कानपुर, हुआ 64 मेगावाट बिजली का उत्पादन…
Kanpur solar rooftop

कानपुर शहर में अब छतें सिर्फ घरों की नहीं रहीं, बल्कि बिजली उत्पादन के मजबूत केंद्र के रूप में उभर रही हैं। प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के सफल क्रियान्वयन से कानपुर नगर में सोलर रूफटॉप सिस्टम की कुल क्षमता बढ़कर 64 मेगावाट तक पहुंच गई है। उत्तर प्रदेश नवीकरणीय ऊर्जा विकास अभिकरण (यूपी नेडा) के मुताबिक, जिले में अब तक 20,756 सोलर रूफटॉप सिस्टम लगाए जा चुके हैं। इस उपलब्धि के साथ कानपुर प्रदेश में सोलर रूफटॉप स्थापना के मामले में तीसरे स्थान पर पहुंच गया है।

यह योजना केवल बिजली उत्पादन बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ आम लोगों की आर्थिक बचत भी सुनिश्चित हो रही है। इसी के साथ 64 मेगावाट की सौर क्षमता से हर साल करीब 9.6 करोड़ यूनिट स्वच्छ बिजली का उत्पादन हो रहा है।

फरवरी 2024 से तेज हुई रफ्तार

फरवरी 2024 में योजना की शुरुआत के बाद से जिले में सोलर रूफटॉप सिस्टम लगाने की गति लगातार बनी हुई है। वर्तमान में प्रतिदिन औसतन 80 से 90 नए सोलर सिस्टम स्थापित किए जा रहे हैं। इसका सीधा असर उन घरों और संस्थानों के बिजली बिलों पर पड़ा है, जहां सोलर पैनल लगाए गए हैं। वहीं, व्यक्तिगत मकानों के साथ-साथ बहुमंजिला इमारतों, हाउसिंग सोसाइटियों के कॉमन एरिया और विभिन्न संस्थानों में भी सोलर पैनल लगाए जा रहे हैं। 

पर्यावरण को भी बड़ा लाभ

पर्यावरणीय दृष्टि से देखें तो 64 मेगावाट सौर ऊर्जा उत्पादन से हर साल लगभग 80 हजार टन कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन में कमी आ रही है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह प्रभाव करीब 35 लाख पेड़ लगाने के बराबर है। इतनी क्षमता से प्रतिदिन औसतन 30 से 35 हजार शहरी घरों की बिजली जरूरतें आसानी से पूरी की जा सकती हैं।

योजना के तहत प्रति किलोवाट सोलर सिस्टम से रोजाना औसतन 5 यूनिट बिजली का उत्पादन हो रहा है। वहीं, एक किलोवाट सोलर सिस्टम की लागत लगभग 60 से 65 हजार रुपये बताई जा रही है, जो लंबे समय में उपभोक्ताओं के लिए फायदेमंद निवेश साबित हो रही है।

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