UP News : मदरसों को दी जाने वाली फंडिंग की होगी जांच, जानें योगी सरकार ने क्यों सुनाया ये बड़ा फैसला…

योगी सरकार ने राज्य में मदरसों की फंडिंग की जांच के आदेश दिए हैं। सरकार के निर्देश के बाद, इन मदरसों की फंडिंग के सोर्स की पूरी जांच की जाएगी। अगर कोई गड़बड़ी पाई जाती है, तो कार्रवाई की जाएगी। यह फैसला सुरक्षा के नज़रिए से लिया गया है।

Feb 2, 2026 - 10:56
Feb 2, 2026 - 10:57
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UP News : मदरसों को दी जाने वाली फंडिंग की होगी जांच, जानें योगी सरकार ने क्यों सुनाया ये बड़ा फैसला…

उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ सरकार ने राज्य के मदरसों को मिलने वाली फंडिंग पर कड़ी नजर रखने का निर्णय लिया है। खासतौर पर विदेशों से आने वाली आर्थिक मदद की गहन जांच कराए जाने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि वित्तीय लेन-देन में पारदर्शिता बनी रहे और किसी भी संदिग्ध गतिविधि को समय रहते रोका जा सके।

सरकारी आदेश के तहत अब प्रदेश के सभी मदरसों के आर्थिक रिकॉर्ड की विस्तृत पड़ताल की जाएगी। इस जांच का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि मदरसों को मिलने वाली राशि किन स्रोतों से आ रही है। अधिकारी न सिर्फ मदरसों के आधिकारिक बैंक खातों की जांच करेंगे, बल्कि मदरसा संचालकों और प्रबंधन से जुड़े लोगों के निजी खातों की भी समीक्षा की जाएगी, जिससे धन के उपयोग और उसके स्रोत को स्पष्ट किया जा सके।

जांच के दायरे में आया भवन निर्माण खर्च

जांच का एक अहम पहलू मदरसों के भवन निर्माण पर होने वाले खर्च से जुड़ा होगा। कई मामलों में यह सामने आया है कि कुछ मदरसों की घोषित आय सीमित है, लेकिन उनके भवन अत्याधुनिक और विशाल हैं। ऐसे मामलों में निर्माण में लगी धनराशि कहां से आई, इसकी विशेष जांच की जाएगी, ताकि किसी भी प्रकार की विदेशी या अवैध फंडिंग का खुलासा हो सके।

सुरक्षा और पारदर्शिता पर जोर

यह फैसला राज्य सरकार की उस नीति का हिस्सा है, जिसमें सुरक्षा, कानून का पालन और वित्तीय पारदर्शिता को प्राथमिकता दी जाती है। अधिकारियों के अनुसार, जांच का जिम्मा एटीएस स्तर की विशेष जांच टीम (SIT) या अन्य संबंधित एजेंसियों को सौंपा जा सकता है। इसके साथ ही जिला स्तर पर भी रिपोर्ट तलब की जाएंगी। मदरसों से जुड़े सभी दस्तावेज, बैंक स्टेटमेंट और दानदाताओं की जानकारी एकत्र की जाएगी।

नियमों के उल्लंघन पर होगी सख्त कार्रवाई

प्रदेश में बड़ी संख्या में मदरसे संचालित हैं, जिनमें कुछ सरकारी सहायता प्राप्त हैं, जबकि कई निजी दान या अन्य स्रोतों पर निर्भर हैं। सरकार का कहना है कि यदि विदेशी फंडिंग कानूनी प्रक्रिया के तहत प्राप्त हो रही है तो कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन किसी भी तरह की अनियमितता या अवैध माध्यम पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। मदरसा प्रबंधकों से अपने सभी वित्तीय रिकॉर्ड तैयार रखने और जांच में पूरा सहयोग करने की अपील की गई है। यह जांच प्रक्रिया जल्द शुरू होगी और तय समयसीमा में रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।

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