1 फरवरी को पेश होगा देश का आम बजट, रविवार के दिन भी शेयर बाजार कारोबार के लिए खुले रहेंगे
एक्सचेंज के अनुसार, बजट के दिन बाजार की त्वरित प्रतिक्रिया देखने और निवेशकों को पोजीशन मैनेज करने का मौका देने के लिए रविवार को स्पेशल ट्रेडिंग सेशन आयोजित किया जा रहा है।
हर साल की तरह इस बार भी 1 फरवरी को देश का आम बजट पेश किया जाएगा। खास बात यह है कि इस साल 1 फरवरी रविवार को पड़ रहा है, लेकिन इसके बावजूद शेयर बाजार सामान्य दिनों की तरह खुला रहेगा। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) ने शुक्रवार को सर्कुलर जारी कर इसकी आधिकारिक जानकारी दी।
एक्सचेंज के अनुसार, बजट के दिन बाजार की त्वरित प्रतिक्रिया देखने और निवेशकों को पोजीशन मैनेज करने का मौका देने के लिए रविवार को स्पेशल ट्रेडिंग सेशन आयोजित किया जा रहा है।
सुबह 9:15 से दोपहर 3:30 बजे तक होगी ट्रेडिंग
BSE और NSE के सर्कुलर के मुताबिक, 1 फरवरी (रविवार) को बाजार की टाइमिंग पूरी तरह वर्किंग डेज जैसी ही रहेगी।
* सुबह 9:00 से 9:08 बजे तक प्री-ओपन सेशन
* सुबह 9:15 बजे से नॉर्मल ट्रेडिंग शुरू
* दोपहर 3:30 बजे तक कारोबार जारी रहेगा
इक्विटी के साथ-साथ डेरिवेटिव्स (F&O) सेगमेंट में भी इसी समय ट्रेडिंग होगी।
बजट डे की वोलैटिलिटी से निपटने की तैयारी
बजट के दिन शेयर बाजार में आमतौर पर भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिलता है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण सुबह 11 बजे बजट भाषण शुरू करेंगी। एक्सपर्ट्स का कहना है कि बड़े ऐलानों पर निवेशक तुरंत प्रतिक्रिया देते हैं। अगर रविवार को बाजार बंद रहता, तो सोमवार को भारी गैप-अप या गैप-डाउन देखने को मिल सकता था। बाजार खुला रहने से निवेशकों को उसी दिन अपनी रणनीति बदलने का मौका मिलेगा।
रविवार को बाजार खुलना ऐतिहासिक
भारत के संसदीय इतिहास में यह एक दुर्लभ मौका है जब बजट रविवार को पेश हो रहा है और बाजार भी खुला है। इससे पहले 2015 और 2025 में बजट शनिवार को पेश किया गया था, तब भी विशेष ट्रेडिंग सेशन रखा गया था।
T+0 सेटलमेंट और ऑक्शन सेशन नहीं
हालांकि बाजार खुला रहेगा, लेकिन कुछ सेवाएं उपलब्ध नहीं होंगी।
एक्सचेंज के मुताबिक:
- T+0 सेटलमेंट नहीं होगा
- ऑक्शन सेशन आयोजित नहीं किया जाएगा
रविवार को बैंकों की छुट्टी होने के कारण फंड सेटलमेंट की प्रक्रिया अगले वर्किंग डे पर पूरी होगी।
निर्मला सीतारमण पेश करेंगी 9वां लगातार बजट
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का यह लगातार 9वां बजट होगा। वह पूर्व प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई के 10 बजट के रिकॉर्ड के करीब पहुंच जाएंगी। इस बजट से मिडिल क्लास को टैक्स स्लैब में राहत और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर के लिए बड़े ऐलानों की उम्मीद की जा रही है।
1 फरवरी को ही क्यों आता है बजट
पहले बजट फरवरी के आखिरी वर्किंग डे पर पेश किया जाता था। साल 2017 में अरुण जेटली ने इसे 1 फरवरी कर दिया ताकि नई योजनाएं 1 अप्रैल से पहले लागू की जा सकें। इस बार तारीख बदले बिना बजट रविवार को ही पेश किया जाएगा।
शाम 5 बजे से सुबह 11 बजे तक का सफर
1999 तक बजट शाम 5 बजे पेश होता था, ताकि ब्रिटेन के समय के अनुसार तालमेल बैठ सके। तत्कालीन वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा ने इसे बदलकर भारतीय समय के अनुसार सुबह 11 बजे कर दिया, जो परंपरा आज भी जारी है।
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