अमेरिका ने भारत को ‘गाज़ा पीस बोर्ड’ में शामिल होने का दिया न्योता, ट्रंप ने पीएम मोदी को लिखा पत्र

यह बोर्ड ट्रंप की महत्वाकांक्षी योजना का अहम हिस्सा है, जिसका उद्देश्य गाज़ा को संघर्ष से बाहर निकालकर स्थायी शांति और विकास की ओर ले जाना है।

Jan 19, 2026 - 08:18
Jan 19, 2026 - 13:20
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अमेरिका ने भारत को ‘गाज़ा पीस बोर्ड’ में शामिल होने का दिया न्योता, ट्रंप ने पीएम मोदी को लिखा पत्र

अमेरिका ने युद्ध के बाद गाज़ा में शांति, शासन और पुनर्निर्माण की रूपरेखा तैयार करने के लिए बनाए गए ‘गाज़ा पीस बोर्ड’ में भारत को शामिल होने का औपचारिक निमंत्रण दिया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस संबंध में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर आमंत्रित किया है। यह बोर्ड ट्रंप की महत्वाकांक्षी योजना का अहम हिस्सा है, जिसका उद्देश्य गाज़ा को संघर्ष से बाहर निकालकर स्थायी शांति और विकास की ओर ले जाना है।

60 देशों को भेजे गए न्योते, यूरोप भी शामिल

गाज़ा पीस बोर्ड के लिए अमेरिका ने भारत सहित 60 देशों को आमंत्रण भेजा है। इनमें यूरोप के कई प्रमुख देश भी शामिल हैं। 16 जनवरी को ट्रंप प्रशासन ने इस बोर्ड का ऐलान करते हुए 20 बिंदुओं वाला शांति रोडमैप पेश किया था, जिसे भविष्य में वैश्विक संघर्षों के समाधान के लिए एक प्रभावी मैकेनिज्म के रूप में देखा जा रहा है।

व्हाइट हाउस की प्रेस रिलीज में क्या कहा गया

16 जनवरी को जारी प्रेस रिलीज में व्हाइट हाउस ने बताया कि राष्ट्रपति ट्रंप ने गाज़ा के प्रशासन के लिए नेशनल कमेटी फॉर द एडमिनिस्ट्रेशन ऑफ़ गाज़ा (NCAG) के गठन का स्वागत किया है। यह गाज़ा संघर्ष को समाप्त करने की व्यापक योजना के दूसरे चरण का अहम कदम है। योजना का लक्ष्य क्षेत्र में स्थायी शांति, स्थिरता, पुनर्निर्माण और समृद्धि सुनिश्चित करना है।

ट्रंप की अध्यक्षता में संस्थापक कार्यकारी बोर्ड

शांति बोर्ड की दृष्टि को जमीन पर उतारने के लिए राष्ट्रपति ट्रंप की अध्यक्षता में एक संस्थापक कार्यकारी बोर्ड गठित किया गया है। इसमें सेक्रेटरी मार्को रूबियो, स्टीव विटकॉफ़, जारेड कुश्नर, सर टोनी ब्लेयर, मार्क रोवन, अजय बंगा और रॉबर्ट गेब्रियल जैसे प्रमुख नाम शामिल हैं।

डॉ. अली शाअथ करेंगे NCAG का नेतृत्व

NCAG का नेतृत्व डॉ. अली शाअथ करेंगे। वे गाज़ा में बुनियादी सार्वजनिक सेवाओं की बहाली, नागरिक संस्थानों के पुनर्निर्माण और दैनिक जीवन को स्थिर करने की जिम्मेदारी संभालेंगे। साथ ही, दीर्घकालिक और आत्मनिर्भर शासन की नींव रखने पर उनका फोकस रहेगा। प्रशासन, आर्थिक विकास और अंतरराष्ट्रीय संवाद में उनके अनुभव को देखते हुए उन्हें व्यापक सम्मान प्राप्त है।

संयुक्त राष्ट्र प्रस्ताव से मिला समर्थन

यह पहल संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2803 (2025) के अनुरूप है, जिसमें ट्रंप की व्यापक योजना का समर्थन और शांति बोर्ड की स्थापना का स्वागत किया गया है। बोर्ड रणनीतिक निगरानी, अंतरराष्ट्रीय संसाधनों की जुटान और 20 सूत्रीय योजना के प्रभावी क्रियान्वयन में केंद्रीय भूमिका निभाएगा।

गाज़ा के लिए उच्च प्रतिनिधि और सुरक्षा ढांचा

कार्यकारी बोर्ड के सदस्य निकोलाय म्लादेनोव को गाज़ा के लिए उच्च प्रतिनिधि नियुक्त किया गया है। वे शांति बोर्ड और NCAG के बीच जमीनी स्तर पर समन्वय का काम करेंगे। वहीं, सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए मेजर जनरल जैस्पर जेफ़र्स को अंतरराष्ट्रीय स्थिरीकरण बल (ISF) का कमांडर बनाया गया है, जो सुरक्षा अभियानों, निरस्त्रीकरण और मानवीय सहायता की सुरक्षित आपूर्ति की जिम्मेदारी संभालेंगे।

गाज़ा कार्यकारी बोर्ड का गठन

उच्च प्रतिनिधि कार्यालय और NCAG के समर्थन में एक गाज़ा कार्यकारी बोर्ड भी बनाया जा रहा है, जो प्रभावी शासन और उच्च-स्तरीय सेवाओं की आपूर्ति में सहयोग करेगा। इसमें स्टीव विटकॉफ़, जारेड कुश्नर, सर टोनी ब्लेयर, निकोलाय म्लादेनोव, सिग्रिड काग सहित कई अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधि शामिल होंगे।

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