ईरान की हिरासत में 16 भारतीय नाविक, परिजनों ने PM मोदी से मदद की लगाई गुहार
पिछले एक महीने से 16 भारतीय नाविक को ईरान की रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) की हिरासत में हैं। उनका जहाज अंतरराष्ट्रीय समुद्री क्षेत्र में मौजूद था, इसके बावजूद ईरानी बलों ने उसका पीछा किया, फायरिंग की और जहाज को जब्त कर क्रू को बंधक बना लिया।
पिछले एक महीने से 16 भारतीय नाविक को ईरान की रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) की हिरासत में हैं। उनका जहाज अंतरराष्ट्रीय समुद्री क्षेत्र में मौजूद था, इसके बावजूद ईरानी बलों ने उसका पीछा किया, फायरिंग की और जहाज को जब्त कर क्रू को बंधक बना लिया।
तकनीकी खराबी के दौरान शुरू हुआ पीछा
रिपोर्ट के अनुसार, दुबई की कंपनी ग्लोरी इंटरनेशनल द्वारा संचालित टैंकर वैलियंट रोअर 8 दिसंबर 2025 को यूएई के दिब्बा पोर्ट के पास खड़ा था। जहाज तकनीकी समस्या के कारण वहीं रुका हुआ था और रिपेयर के लिए खोर फक्कान ले जाया जा रहा था। इसी दौरान ईरान की IRGC नौसेना ने अचानक जहाज का पीछा शुरू कर दिया।
फायरिंग के बाद जहाज पर कब्जा
जहाज के कप्तान ने घटना से कुछ घंटे पहले परिवार से बात की थी, लेकिन दोपहर के समय उन्होंने बताया कि ईरानी नौसेना पीछा कर रही है। इसके कुछ ही देर बाद गोलीबारी की आवाज आई और संपर्क टूट गया। परिजनों का आरोप है कि IRGC ने बिना किसी चेतावनी के फायरिंग की, जिससे जहाज को नुकसान हुआ और कुछ क्रू सदस्य घायल हो गए। इसके बाद जवान जहाज पर चढ़े, क्रू के साथ मारपीट की और जहाज को जबरन बंदर-ए-जास्क बंदरगाह की ओर ले गए।
तस्करी के आरोप से विवाद
ईरान ने दावा किया कि जहाज डीजल की तस्करी कर रहा था, जबकि कंपनी और क्रू का कहना है कि जहाज पर बहुत कम सल्फर वाला फ्यूल ऑयल (VLSFO) था, जिसकी सैंपल रिपोर्ट भी मौजूद थी। इसके बावजूद जहाज जब्त कर लिया गया और रिपोर्ट को स्वीकार नहीं किया गया।
10 नाविकों को भेजा गया जेल
1 जनवरी 2026 तक स्थिति में कोई बदलाव नहीं आया। 6 जनवरी को 10 क्रू सदस्यों को बयान के बहाने ईरान ले जाया गया और बाद में उन्हें बंदर अब्बास जेल में डाल दिया गया। इनमें चीफ ऑफिसर अनिल कुमार सिंह भी शामिल थे, जिन्हें अपनी पत्नी से केवल एक मिनट की कॉल करने दी गई।
हाई कोर्ट पहुंचा मामला
परिजनों ने अब दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की है, जिस पर कोर्ट ने केंद्र सरकार से स्थिति रिपोर्ट मांगी है। परिवारों का कहना है कि उन्होंने प्रधानमंत्री कार्यालय को कई बार ईमेल भी किए हैं।।
विदेश मंत्रालय की प्रतिक्रिया
विदेश मंत्रालय ने कहा है कि वह मामले से अवगत है और नाविकों की रिहाई के लिए कूटनीतिक प्रयास जारी हैं। जरूरत पड़ने पर ईरान से फंसे भारतीयों को निकालने के लिए विशेष उड़ानों की तैयारी भी की जा रही है।
What's Your Reaction?