Punjab : लुधियाना में ‘KKF’ के 2 मेंबर अरेस्ट…बना रहे थे टारगेट किलिंग का प्लान - DGP
लुधियाना पुलिस ने खालिस्तान कमांडो फोर्स के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया है। बताया जा रहा है कि दोनों आरोपी लुधियाना में सरकारी दफ्तरों की रेकी कर रहे थे और एक बड़े हमले की योजना बना रहे थे।
लुधियाना में पुलिस ने खालिस्तान कमांडो फोर्स (KCF) से जुड़े दो संदिग्धों को गिरफ्तार कर एक बड़ी साजिश को नाकाम कर दिया है। दोनों आरोपी शहर के सरकारी कार्यालयों की रेकी कर रहे थे और किसी गंभीर वारदात को अंजाम देने की फिराक में थे। इस कार्रवाई की जानकारी पंजाब के डीजीपी गौरव यादव ने सोशल मीडिया के माध्यम से साझा की है।
डीजीपी गौरव यादव के अनुसार, पुलिस को पहले से खुफिया सूचना मिली थी। इसके बाद स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल (SSOC), एसएएस नगर और काउंटर इंटेलिजेंस लुधियाना की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को लुधियाना से गिरफ्तार किया। शुरुआती जांच में सामने आया है कि आरोपी विदेशी हैंडलरों के इशारे पर टारगेट किलिंग की योजना बना रहे थे। गिरफ्तार आरोपियों के पास से 9 एमएम की एक पिस्टल और पांच जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं।
बाहर बैठे आकाओं के कहने पर कर रहे थे काम
डीजीपी ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी यूके और जर्मनी में बैठे हैंडलरों के संपर्क में थे। ये हैंडलर खालिस्तान कमांडो फोर्स से जुड़े हुए हैं और कट्टरपंथी विचारधारा का प्रचार कर रहे हैं। इन्हीं के निर्देशों पर आरोपियों ने लुधियाना में सरकारी और अहम संस्थानों की रेकी की थी।
पुलिस के मुताबिक, आरोपियों को कुछ खास व्यक्तियों के बारे में जानकारी इकट्ठा करने और ग्राउंड लेवल पर तैयारी करने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। वे लोगों की गतिविधियों से जुड़ा डेटा जुटाकर अपने विदेशी आकाओं तक पहुंचा रहे थे।
एसएएस नगर में दर्ज हुई एफआईआर
इस पूरे मामले में थाना SSOC, एसएएस (Sahibzada Ajit Singh Nagar) नगर में एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपियों के नेटवर्क कहां-कहां तक फैले हैं और उन्हें आगे किन-किन कार्यों को अंजाम देने के निर्देश मिले थे।
पहले से अलर्ट थी पुलिस
गौरतलब है कि लुधियाना में आतंकी हमले की संभावनाओं को देखते हुए पुलिस पहले ही सरकारी दफ्तरों की सुरक्षा बढ़ा चुकी थी। अगस्त महीने में सरकारी इमारतों को निशाना बनाए जाने की आशंका को लेकर इनपुट मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर थीं। हालांकि उस समय वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने इसे नियमित सुरक्षा प्रक्रिया बताया था।
सूत्रों के अनुसार, उस दौरान कुछ आतंकी संगठनों की ओर से ईमेल या फोन कॉल के जरिए धमकियां मिलने की आशंका जताई गई थी। इसके बाद शहर भर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई थी। हालांकि पुलिस अधिकारियों ने आधिकारिक तौर पर ऐसी किसी धमकी की पुष्टि नहीं की थी।
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