शंभू-खनौरी बॉर्डर खुलने से लोगों को मिली बड़ी राहत, व्यापारी वर्ग ने सरकार का जताया आभार
बैरिकेडिंग के कारण लोगों की दैनिक गतिविधियां प्रभावित हो रही थीं। अब, जब यातायात सामान्य हो गया है, तो यह स्थानीय उद्योगों और कंपनियों के लिए भी फायदेमंद साबित होगा।

शंभू-खनौरी बॉर्डर खुलने से स्थानीय लोगों और व्यापारियों को मिली राहत ने एक नई उम्मीद जगाई है। लगभग 13 महीनों से बंद इस बॉर्डर के खुलने से न केवल यातायात बहाल हुआ है, बल्कि व्यापारिक गतिविधियों में भी तेजी आई है।
पंजाब और हरियाणा के शंभू और खनौरी बॉर्डर पर किसानों के धरने के कारण यह सीमा लंबे समय तक बंद रही। हाल ही में पंजाब पुलिस द्वारा किसानों के धरना स्थलों को हटाने के बाद प्रशासन ने इन सीमाओं को खोलने का निर्णय लिया। इससे पहले, किसानों ने अपनी मांगों को लेकर कई महीनों तक प्रदर्शन किया था, जिसके चलते स्थानीय लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा था।
बॉर्डर खुलने के बाद, अंबाला के व्यापारियों ने खुशी का इजहार करते हुए लड्डू बांटे और जश्न मनाया। व्यापारियों का कहना है कि पिछले 13 महीनों में उन्हें मंदी का सामना करना पड़ा था, और अब उन्हें उम्मीद है कि उनका व्यापार फिर से पटरी पर लौटेगा।
स्थानीय निवासियों ने भी इस निर्णय का स्वागत किया है। पहले, बैरिकेडिंग के कारण लोगों की दैनिक गतिविधियां प्रभावित हो रही थीं। अब, जब यातायात सामान्य हो गया है, तो यह स्थानीय उद्योगों और कंपनियों के लिए भी फायदेमंद साबित होगा।
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