अंबरनाथ में BJP से हाथ मिलाना कांग्रेस नेताओं को पड़ा भारी, पूरी ब्लॉक कमेटी भंग, 12 पार्षद और अध्यक्ष भी निलंबित
महाराष्ट्र के अंबरनाथ नगर परिषद में बीजेपी के साथ गठबंधन करने के मामले में कांग्रेस ने कड़ा कदम उठाते हुए अंबरनाथ ब्लॉक कांग्रेस कमेटी को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया है।
महाराष्ट्र के अंबरनाथ नगर परिषद में बीजेपी के साथ गठबंधन करने के मामले में कांग्रेस ने कड़ा कदम उठाते हुए अंबरनाथ ब्लॉक कांग्रेस कमेटी को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया है। साथ ही, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष प्रदीप पाटिल और सभी निर्वाचित कांग्रेस पार्षदों को निलंबित कर दिया गया है। जानकारी के मुताबिक कुल 12 कांग्रेस पार्षदों को निलंबित किया गया है। यह कार्रवाई महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाळ के निर्देश पर की गई है।
बीजेपी से गठबंधन बना सियासी विवाद का कारण
यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब अंबरनाथ नगर परिषद में कांग्रेस पार्षदों ने बीजेपी के साथ मिलकर स्थानीय सत्ता गठन में भागीदारी की। कांग्रेस हाईकमान ने इसे पार्टी की घोषित नीति और विचारधारा का उल्लंघन माना। कांग्रेस नेतृत्व ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि बीजेपी के साथ किसी भी स्तर पर गठबंधन अस्वीकार्य है, फिर भी स्थानीय इकाई द्वारा यह कदम उठाना पार्टी लाइन के खिलाफ माना गया।
कांग्रेस ने दिया सख्त संदेश
इस कार्रवाई से कांग्रेस ने स्पष्ट कर दिया है कि सत्ता के लिए सिद्धांतों से समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पार्टी ने चेतावनी दी है कि भविष्य में भी ऐसे किसी भी स्थानीय या क्षेत्रीय फैसले, जो कांग्रेस की राष्ट्रीय या प्रदेश नीति के विपरीत हों, उन पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि यह कदम केवल अंबरनाथ तक सीमित नहीं है, बल्कि राज्यभर के नेताओं के लिए एक सख्त संदेश है कि पार्टी अनुशासन सबसे पहले है।
गठबंधन राजनीति में नया दबाव
अंबरनाथ में कांग्रेस और बीजेपी के गठबंधन ने पहले ही महाराष्ट्र की राजनीति में हलचल मचा दी थी। अब कांग्रेस की इस सख्त कार्रवाई के बाद यह साफ हो गया है कि पार्टी बीजेपी से किसी भी तरह की नजदीकी स्वीकार नहीं करेगी, भले ही उसे स्थानीय राजनीतिक नुकसान क्यों न झेलना पड़े। सूत्रों के अनुसार, निलंबित नेताओं के खिलाफ आगे और कार्रवाई की संभावना भी बनी हुई है। इस निर्णय से कांग्रेस ने एक बार फिर यह संकेत दिया है कि पार्टी सिद्धांत सत्ता की राजनीति से ऊपर हैं और अनुशासनहीनता के लिए किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।
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