J&K : राजौरी में LoC के पास पाकिस्तानी ड्रोन की घुसपैठ, सेना की फायरिंग के बाद PoK की ओर लौटे
सेना ने जैसे ही एंटी-ड्रोन सिस्टम सक्रिय किया, ड्रोन गायब हो गया। इसके करीब 35 मिनट बाद, शाम 7.35 बजे धरि धरा गांव के पास दो ड्रोन जैसे ऑब्जेक्ट फिर से देखे गए। जवानों ने कई राउंड फायरिंग की, जिसके बाद ये ड्रोन वापस LoC की ओर चले गए।
जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले में मंगलवार शाम लाइन ऑफ कंट्रोल (LoC) के पास दो बार संदिग्ध पाकिस्तानी ड्रोन देखे गए। भारतीय सेना ने तुरंत कार्रवाई करते हुए फायरिंग की, जिसके बाद दोनों ड्रोन पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) की ओर लौट गए। सेना के सूत्रों के मुताबिक, यह ड्रोन नियमित निगरानी के दौरान मंडराते हुए नजर आए थे।
एक न्यूज एजेंसी के मुताबिक पहला ड्रोन शाम करीब 7 बजे राजौरी के चिंगुस इलाके के डुंगा गाला क्षेत्र में भारतीय सीमा में घुसा। सेना ने जैसे ही एंटी-ड्रोन सिस्टम सक्रिय किया, ड्रोन गायब हो गया। इसके करीब 35 मिनट बाद, शाम 7.35 बजे धरि धरा गांव के पास दो ड्रोन जैसे ऑब्जेक्ट फिर से देखे गए। जवानों ने कई राउंड फायरिंग की, जिसके बाद ये ड्रोन वापस LoC की ओर चले गए।
तीन दिनों में दूसरी ड्रोन घटना, बढ़ाई गई चौकसी
बीते तीन दिनों में जम्मू-कश्मीर में ड्रोन दिखने की यह दूसरी घटना है। लगातार सामने आ रही घटनाओं को देखते हुए LoC पर निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है। सुरक्षा एजेंसियों को आशंका है कि पाकिस्तान की ओर से ड्रोन के जरिए घुसपैठ, हथियार या नशीले पदार्थ गिराने की कोशिश की जा सकती है।
दो दिन पहले भी दिखे थे 5 ड्रोन
इससे पहले रविवार 11 जनवरी को जम्मू-कश्मीर के सांबा, राजौरी और पुंछ जिलों में सीमा और LoC के पास एक साथ पांच ड्रोन देखे गए थे। PTI के मुताबिक, राजौरी के नौशेरा सेक्टर में गनिया-कलसियां गांव के ऊपर शाम 6.35 बजे ड्रोन नजर आया, जिस पर जवानों ने मीडियम और लाइट मशीन गन से फायरिंग की।
इसी दौरान तेरियाथ के खब्बर गांव में भी एक ड्रोन देखा गया, जो कलाकोट के धर्मसाल गांव की ओर से आया और आगे भरख की दिशा में बढ़ गया। सांबा के रामगढ़ सेक्टर में चक बबरल गांव के ऊपर शाम करीब 7.15 बजे ड्रोन जैसी वस्तु कुछ मिनट तक मंडराती दिखी। पुंछ के मंकोट सेक्टर में भी शाम 6.25 बजे ड्रोन जैसी चीज देखी गई।
ड्रोन से हथियार गिराने की आशंका
इससे पहले 9 जनवरी को सांबा जिले में अंतरराष्ट्रीय सीमा (IB) के पास घगवाल के पालूरा गांव में हथियारों की खेप बरामद हुई थी। जांच में सामने आया था कि यह खेप पाकिस्तान से आए ड्रोन के जरिए गिराई गई थी। बरामद सामग्री में दो पिस्तौल, तीन मैगजीन, 16 राउंड और एक ग्रेनेड शामिल थे।
गणतंत्र दिवस से पहले हाई अलर्ट
गणतंत्र दिवस को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां पहले से ही अलर्ट पर हैं। एजेंसियों को शक है कि पाकिस्तान ड्रोन का इस्तेमाल भारतीय सेना की पोजिशन की रेकी करने या आतंकियों के लिए हथियार और नशीले पदार्थ भेजने में कर रहा है।
ऑपरेशन सिंदूर अब भी जारी
गौरतलब है कि भारत ने 7 मई 2025 को ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया था। यह अभियान 22 अप्रैल 2025 को हुए पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में चलाया गया था, जिसमें 26 लोगों की जान गई थी। ऑपरेशन के तहत भारतीय सेना ने महज 25 मिनट में पाकिस्तान और PoK में जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा के 9 आतंकी ठिकानों को एयर स्ट्राइक कर ध्वस्त किया था।
सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने मंगलवार को ही कहा है कि ऑपरेशन सिंदूर अभी भी जारी है और अगर पाकिस्तान की ओर से किसी भी तरह की आतंकी घुसपैठ या हमला हुआ तो भारत मुंहतोड़ जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है।
What's Your Reaction?