ईरान में विरोध प्रदर्शन जारी, मौत का आंकड़ा पहुंचा 2 हजार के पार…

ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शन 18वें दिन भी जारी हैं, और हालात लगातार बिगड़ रहे हैं। मानवाधिकार संगठनों के मुताबिक, अब तक 2,500 से ज़्यादा लोग मारे जा चुके हैं। इस बीच, खबरें आ रही हैं कि 26 साल के प्रदर्शनकारी इरफान सुल्तानी को आज फांसी दी जा सकती है।

Jan 14, 2026 - 11:05
Jan 14, 2026 - 11:06
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ईरान में विरोध प्रदर्शन जारी, मौत का आंकड़ा पहुंचा 2 हजार के पार…
Iran protests

ईरान में जारी सरकार-विरोधी आंदोलन को आज 18वां दिन हो गया है, लेकिन हालात शांत होने के बजाय और ज्यादा भयावह बनते जा रहे हैं। मानवाधिकार संगठनों और अंतरराष्ट्रीय मीडिया की रिपोर्टों के अनुसार, इन प्रदर्शनों में अब तक 2,500 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है। इस पूरे घटनाक्रम में सबसे चौंकाने वाला और डरावना मामला 26 वर्षीय इरफान सुलतानी से जुड़ा बताया जा रहा है।

इरफान सुलतानी को सरेआम फांसी की संभावना

ब्रिटिश अखबार द गार्डियन की रिपोर्ट के मुताबिक, इरफान सुलतानी को 8 जनवरी को विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के आरोप में हिरासत में लिया गया था। इसके महज तीन दिन बाद, 11 जनवरी को ईरानी प्रशासन ने उन्हें दोषी करार देते हुए उन पर ‘मोहारेबेह’ यानी “भगवान के खिलाफ युद्ध छेड़ने” का आरोप लगाया। खबरें हैं कि उन्हें आज सार्वजनिक रूप से फांसी दी जा सकती है। रिपोर्ट्स का दावा है कि न तो उन्हें निष्पक्ष सुनवाई मिली और न ही कानूनी सलाह के लिए वकील उपलब्ध कराया गया।

ट्रंप ने दी चेतावनी 

इस मामले पर अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि ईरान ने प्रदर्शनकारियों को फांसी दी, तो इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। अमेरिकी विदेश मंत्रालय का कहना है कि ईरान इरफान सुलतानी को फांसी देने की तैयारी कर रहा है। इसी मुद्दे पर व्हाइट हाउस में एक उच्चस्तरीय बैठक भी हुई।

 इससे पहले ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ सोशल पर ईरान के प्रदर्शनकारियों से सरकारी इमारतों पर कब्जा करने की अपील की थी और यह भी कहा था कि अमेरिकी मदद जल्द पहुंच सकती है। इन बयानों से यह अटकलें और तेज हो गई हैं कि अमेरिका कोई बड़ा कदम उठा सकता है।

पूरे देश में आग की तरह फैलता विरोध

ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट न्यूज एजेंसी के अनुसार, ईरान के सभी 31 प्रांतों में अब तक 600 से ज्यादा विरोध प्रदर्शन दर्ज किए जा चुके हैं। CNN की रिपोर्ट बताती है कि मरने वालों की संख्या 2,400 से अधिक हो गई है, जबकि रॉयटर्स ने ईरानी अधिकारियों के हवाले से यह आंकड़ा करीब 2,000 बताया है। अलग-अलग स्रोतों में आंकड़ों को लेकर अंतर जरूर है, लेकिन यह स्पष्ट है कि यह ईरान के हालिया इतिहास का सबसे हिंसक दौर बन चुका है।

12 हजार हत्याओं का दावा

ब्रिटेन स्थित वेबसाइट ईरान इंटरनेशनल ने हालात को और भी भयावह बताते हुए दावा किया है कि बीते 17 दिनों में लगभग 12,000 प्रदर्शनकारियों की हत्या की गई है। वेबसाइट के अनुसार, यह ईरान के आधुनिक इतिहास का सबसे बड़ा नरसंहार हो सकता है। रिपोर्ट में कहा गया है कि मारे गए लोगों में अधिकांश 30 वर्ष से कम उम्र के युवा थे। 

आरोप है कि ज्यादातर हत्याएं रेवोल्यूशनरी गार्ड्स और बसीज फोर्स द्वारा की गईं, जो कथित तौर पर सुप्रीम लीडर अली खामेनेई के निर्देशों पर काम कर रही थीं। रिपोर्ट यह भी दावा करती है कि ईरानी सरकार ने इंटरनेट और संचार सेवाएं बंद कर दी हैं, ताकि जमीनी सच्चाई दुनिया के सामने न आ सके।

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