Haryana : सिरसा में जेल वार्डन ने की आत्महत्या, DSP और लाइन ऑफिसर पर लगे गंभीर आरोप
हरियाणा के सिरसा जिला जेल में तैनात वार्डन सुखदेव सिंह की आत्महत्या के मामला सामने आया है। जेल प्रशासन और पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
हरियाणा के सिरसा जिला जेल में तैनात वार्डन सुखदेव सिंह की आत्महत्या के मामला सामने आया है। जेल प्रशासन और पुलिस ने जांच शुरू कर दी है, वहीं मृतक के परिवार ने DSP वरुण गोदारा और लाइन ऑफिसर (LO) फूल कुमार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। परिवार का दावा है कि दोनों ने मिलकर परेशान किया इसलिए, सुखदेव ने आत्महत्या जैसा कदम उठाया।
सुसाइड नोट में DSP और LO का जिक्र
सुखदेव सिंह ने सुसाइड नोट में DSP वरुण गोदारा और लाइन ऑफिसर फूल कुमार का नाम दर्ज है। परिवार का कहना है कि 1 जनवरी को नए साल के दिन DSP के इशारे पर LO ने उन्हें ड्यूटी जॉइन नहीं करने दी। करीब दो घंटे तक उन्हें खड़ा रखा गया, जबकि सुखदेव बार-बार माफी मांगते रहे और ड्यूटी जॉइन करने की अनुमति मांगते रहे, लेकिन जब उन्हें अनुमति नहीं मिली, तो वे मायूस होकर चले गए और कुछ समय बाद आत्महत्या कर ली।
पहले भी हुआ था विवाद
परिवार के अनुसार, DSP और सुखदेव सिंह के बीच पहले भी तकरार हो चुकी थी। सुखदेव के बेटे जसपाल सिंह का कहना है कि DSP का जेल में तैनात गार्ड स्टाफ के लिए रवैया बेहद अपमानजनक था। वह अक्सर तू-तड़ाक से बात करता था और ठीक व्यवहार नहीं करता था,”
DSP कई दिनों से कर रहा था परेशान -पिता बोले
मृतक के पिता दीप सिंह ने बताया कि उनका बेटा पिछले कई दिनों से DSP के व्यवहार से परेशान था। उन्होंने कहा कि 10-15 दिन पहले भी दोनों में झगड़ा हुआ था। मैं खुद DSP से मिलने फतेहाबाद उनके घर गया था और उनकी मां से बात की थी। मैंने उनसे कहा कि मेरे बेटे को दिल संबंधी बीमारी है, इसलिए उसकी ड्यूटी दिन के समय रख दें। साथ ही यह भी कहा कि वह अपने बेटे को समझाएं कि सुखदेव को परेशान न करे। उनकी मां ने आश्वासन दिया था कि वे बात करेंगी।”
जांच में जुटी पुलिस
पुलिस ने आत्महत्या के मामले में सुसाइड नोट को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों ने कहा कि DSP और LO से जल्द पूछताछ की जाएगी और आत्महत्या की वजहों की निष्पक्ष जांच की जाएगी।
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