Delhi : गणतंत्र दिवस पर इस बार दिखाई देगी भारतीय फिल्म इंडस्ट्री की झांकी…दो साल तक नहीं दिखेंगी ये झांकियां 

रक्षा मंत्रालय की नई 'रोटेशन पॉलिसी' के कारण, 26 जनवरी, 2026 को दिल्ली में कर्तव्य पथ पर बिहार और दिल्ली की झांकियां प्रदर्शित नहीं की जाएंगी। इसके अलावा, इतिहास में पहली बार, भारतीय फिल्म इंडस्ट्री को दिखाने वाली एक झांकी कर्तव्य पथ पर दिखाई जाएगी।

Jan 22, 2026 - 14:09
Jan 22, 2026 - 14:10
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Delhi : गणतंत्र दिवस पर इस बार दिखाई देगी भारतीय फिल्म इंडस्ट्री की झांकी…दो साल तक नहीं दिखेंगी ये झांकियां 
Delhi Republic Day tableau

26 जनवरी को जब दिल्ली के कर्तव्य पथ पर गणतंत्र दिवस की परेड की शुरुआत होगी, तो बहुत-से दर्शक एक खास झांकी को खोजते नजर आएंगे-बिहार की झांकी। लेकिन इस बार उन्हें निराशा हाथ लगेगी, क्योंकि 2025 में नालंदा की भव्य विरासत के साथ जोरदार वापसी करने वाला बिहार, इस साल परेड से बाहर है। वजह है रक्षा मंत्रालय की नई रोटेशन नीति, जिसकी चपेट में बिहार आ गया है। वहीं, इस बार दिल्ली की झांकी भी परेड में शामिल नहीं होगी, क्योंकि दिल्ली सरकार ने झांकी के लिए रक्षा मंत्रालय को कोई प्रस्ताव ही नहीं भेजा।
 
कर्तव्य पथ पर पहली बार दिखेगा सिनेमा का जादू
 
इस साल की परेड कई मायनों में ऐतिहासिक होगी। पहली बार भारतीय फिल्म इंडस्ट्री की भव्यता कर्तव्य पथ पर झांकी के रूप में दिखाई देगी। सिनेमा जगत की ओर से इस खास मौके पर मशहूर फिल्म निर्देशक संजय लीला भंसाली प्रतिनिधित्व करेंगे। वहीं, ऑस्कर पुरस्कार से सम्मानित संगीतकार एमएम कीरावनी ‘वंदे मातरम्’ की नई धुन पेश कर समां बांधेंगे।
 
बिहार की एंट्री पर लगा अस्थायी ब्रेक
 
लंबे इंतजार के बाद बिहार ने 2025 में गणतंत्र दिवस परेड में शानदार मौजूदगी दर्ज कराई थी। नालंदा विश्वविद्यालय और बुद्ध की धरती को जिस प्रभावशाली अंदाज में दिखाया गया था, उसने दर्शकों पर गहरी छाप छोड़ी। ऐसा लगा था कि बिहार अब हर साल अपनी सांस्कृतिक पहचान के साथ कर्तव्य पथ पर नजर आएगा, लेकिन इस साल रोटेशन नीति ने इस सिलसिले पर ब्रेक लगा दिया-मानो किसी फिल्म में अचानक इंटरवल आ गया हो।
 
रोटेशन नीति को लेकर लिया गया फैसला
 
राज्यों के बीच झांकियों को लेकर रक्षा मंत्रालय ने नया नियम लागू किया है। इसके अनुसार, हर राज्य को तीन वर्षों में कम से कम एक बार झांकी प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा। सूचना विभाग के मुताबिक, क्योंकि बिहार को पिछले साल मौका मिल चुका था, इसलिए इस बार उसे रोटेशन के तहत बाहर रखा गया है। इस वर्ष परेड में कुल 30 झांकियां शामिल होंगी, जिनका विषय ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘वंदे मातरम् के 150 वर्ष’ रखा गया है।
 
इस साल कौन-कौन से राज्य होंगे शामिल
 
इस बार कर्तव्य पथ पर जिन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की झांकियां देखने को मिलेंगी, उनमें असम, छत्तीसगढ़, गुजरात, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, केरल, महाराष्ट्र, मणिपुर, नागालैंड, ओडिशा, पुडुचेरी, राजस्थान, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश और पंजाब शामिल हैं।

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