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‘भारत से पानी दिलवा दो, 25 करोड़ आवाम की जिंदगी…’ पानी की किल्लत से बेचैन पाकिस्तान, अब किसके आगे लगा गिड़गिड़ाने?

Indus Waters Treaty: पाकिस्तान ने शुक्रवार को भारत से सिंधु जल संधि (IWT) के तहत तकनीकी बातचीत और जल संबंधी डेटा साझा करने की प्रक्रिया फिर से शुरू करने का आग्रह किया। पाकिस्तान का कहना है कि जलवायु परिवर्तन के बढ़ते दबाव के बीच दोनों देशों के बीच सहयोग पहले से कहीं ज्यादा जरूरी हो गया है। पाकिस्तान ने यह मांग ऐसे समय रखी है, जब उसके मुताबिक नई दिल्ली ने ‘एकतरफा तरीके से इस समझौते को स्थगित कर दिया था।’

इशाक डार ने रखा तीन-सूत्रीय तरीका

पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार ने वाशिंगटन में आयोजित एक सेमिनार को वर्चुअली संबोधित करते हुए यह बात कही। उन्होंने 1960 की सिंधु जल संधि को पूरी तरह लागू करने और भारत-पाकिस्तान के बीच विवादों को समझौते में निर्धारित प्रक्रियाओं के जरिए सुलझाने का तीन-सूत्रीय तरीका बताया। डार ने कहा ‘पाकिस्तान और भारत को संधि के अनुसार तकनीकी बातचीत, पारदर्शिता और डेटा साझा करने की प्रक्रिया को फिर से शुरू और मजबूत करना चाहिए।’ पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने अमेरिका में कहा कि सिंधु नदी प्रणाली पाकिस्तान के लिए जीवन रेखा है और देश की 25 करोड़ से ज़्यादा आबादी का जीवन इससे जुड़ा हुआ है। उन्होंने भारत से सिंधु जल संधि का पालन करने का आग्रह करते हुए अंतरराष्ट्रीय समुदाय से भी इस मामले में दखल देने की अपील की।

‘ये कोई अनुचित मांगें नहीं’- इशाक डार

इशाक डार ने अपनी मांग को जायज बताते हुए कहा ‘ये कोई अनुचित मांगें नहीं हैं। ये दो संप्रभु देशों के बीच गंभीरता से किए गए और छह दशकों से अधिक समय से चले आ रहे समझौते की जरूरतें हैं।’ उन्होंने कहा कि सिंधु जल संधि ‘वैध, बाध्यकारी और पूरी तरह से लागू’ है।

पहलगाम हमले के बाद भारत ने स्थगित की संधि

भारत ने अप्रैल 2025 में पहलगाम आतंकी हमले के बाद विश्व बैंक की मध्यस्थता वाली सिंधु जल संधि को स्थगित कर दिया था। इस आतंकी हमले में पाकिस्तानी आतंकियों ने धर्म पूछकर 26 हिंदू पर्यटकों की हत्या कर दी थी। इसके बाद भारत ने अपना रुख साफ करते हुए कहा था कि ‘खून और पानी एक साथ नहीं बह सकते हैं।’

युद्ध के बावजूद संधि कायम रहने का दिया हवाला

इशाक डार ने कहा कि छह दशकों से ज्यादा समय में युद्ध, सैन्य संकट और दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंधों में आए तनाव के बावजूद संधि का कायम रहना यह दर्शाता है कि साझा जल संसाधनों को राजनीतिक तनाव से अलग रखना कितना अहम है। उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन के कारण पाकिस्तान में पानी की उपलब्धता पर दबाव बढ़ रहा है और देश पहले से ही दुनिया के सबसे अधिक जल-संकट वाले देशों में शामिल है।

अंतरराष्ट्रीय मंच पर मुद्दा उठाने की कोशिश

इशाक डार ने वाशिंगटन की बैठक में इस विवाद को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उठाने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि संधि की व्यवस्थाओं में एकतरफा दखल के परिणाम दक्षिण एशिया की सीमाओं से कहीं आगे तक जा सकते हैं। पाकिस्तान का आरोप है कि भारत का संधि को एकतरफा रोकने का फैसला एक मिसाल बन सकता है और इससे दुनिया के उन देशों को भी चिंता होनी चाहिए जो नदियों के बहाव की दिशा में नीचे की ओर स्थित हैं।

‘अंतरराष्ट्रीय समुदाय की जायज दिलचस्पी’

डार ने कहा ‘इसलिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय की दक्षिण एशिया में संधि-आधारित जल प्रबंधन को बनाए रखने में जायज दिलचस्पी है।’ पाकिस्तान इस तर्क के जरिए सिंधु जल संधि से जुड़े विवाद को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बनाने की कोशिश कर रहा है।

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Yogita Tyagi
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योगिता त्यागी एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें राजनीति, मनोरंजन, धर्म और लाइफस्टाइल विषयों में विशेष रुचि है। वर्तमान में वह Mhone News के राजनीतिक, धर्म और मनोरंजन सेक्शन के लिए सक्रिय रूप से लेखन कर रही हैं। डिजिटल मीडिया में तीन वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ, उन्होंने अपने करियर में कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों- जैसे दैनिक भास्कर, पंजाब केसरी, इंडिया डेली लाइव और ITV नेटवर्क में योगदान दिया है। योगिता ने गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय (GGSIPU) से मास कम्युनिकेशन और जर्नलिज्म में स्नातक की डिग्री प्राप्त की है, जिसने उनके डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में गहन, प्रभावशाली और विश्वसनीय लेखन की मजबूत नींव रखी है।
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