अमेरिका के न्यू जर्सी की 15 वर्षीय युवती ने सोशल मीडिया की लत और उससे जुड़ी मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं को लेकर Meta Platforms, Google और Snap के खिलाफ दायर मुकदमा वापस ले लिया है। यह मामला कैलिफोर्निया की राज्य अदालत में चल रहे 3,300 से अधिक समान मामलों में से उन तीन मामलों में शामिल था, जिन्हें बेलवेदर ट्रायल के लिए चुना गया था। युवती की पहचान कैलिफोर्निया की अदालत के दस्तावेजों में P. M-Y. के तौर पर की गई है। उसने आरोप लगाया था कि Facebook, Instagram, YouTube और Snapchat के इस्तेमाल ने उसके अवसाद और खुद को नुकसान पहुंचाने की प्रवृत्ति को बढ़ावा दिया।
अक्टूबर में होनी थी सुनवाई
इस मामले समेत तीन चुने गए मामलों की सुनवाई अक्टूबर में होनी थी। इन मुकदमों का उद्देश्य यह समझना था कि सोशल मीडिया कंपनियों के खिलाफ इस तरह के आरोपों पर जूरी किस तरह प्रतिक्रिया दे सकती है। युवती की वकील एमिली जेफकॉट ने बताया कि किशोरी ने बचे हुए सभी दावों को खत्म करने का फैसला किया है, क्योंकि वह अब अपनी जिंदगी में आगे बढ़ना चाहती है। वकील के मुताबिक, मुकदमा शुरू में सोशल मीडिया कंपनियों को जवाबदेह ठहराने और बच्चों की सुरक्षा के लिए बेहतर बदलाव लाने के लक्ष्य से दायर किया गया था।
बिना किसी भुगतान के वापस लिया केस
Meta, Google और Snap ने कहा कि युवती ने किसी भी तरह का भुगतान लिए बिना अपने दावे वापस लिए हैं। इस मामले में TikTok को भी आरोपी बनाया गया था, लेकिन वह पहले ही किशोरी के साथ समझौता कर चुका है। Meta ने दावा किया कि युवती सोशल मीडिया का इस्तेमाल शुरू करने से पहले से ही गंभीर मानसिक स्वास्थ्य समस्या से जूझ रही थी। कंपनी ने कहा कि इस तरह के कई मामलों में वह इसी तरह की स्थिति देख रही है और बाकी मुकदमों में अपना बचाव जारी रखेगी। YouTube ने कहा कि मुकदमा वापस लिया जाना उसके इस रुख के अनुरूप है कि वह उम्र के हिसाब से उपयुक्त अनुभव और अभिभावकीय नियंत्रण की सुविधाएं उपलब्ध कराता है। Snap ने भी कहा कि वह अपने उपयोगकर्ताओं की सुरक्षा, निजता और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े उपायों पर ध्यान दे रहा है।
पहले भी कंपनियों पर लगा चुका है भारी जुर्माना
इस मुकदमेबाजी में कंपनियों को पहले ही बड़ा झटका लग चुका है। मार्च में पहले व्यक्तिगत ट्रायल में एक महिला के आरोपों पर Meta को 42 लाख डॉलर और Google को 18 लाख डॉलर का हर्जाना देने का आदेश दिया गया था। महिला ने दावा किया था कि कम उम्र में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के डिजाइन के कारण उसे इनकी लत लग गई थी। इस मामले की सुनवाई से पहले TikTok और Snap ने समझौता कर लिया था। वहीं Meta, Google और Snap के खिलाफ किशोरों द्वारा दायर दो अन्य मामलों की सुनवाई अक्टूबर में प्रस्तावित है।
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