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अब रसोई गैस की टेंशन खत्म! पाइप से सीधा घर पहुंचेगी गैस, सरकार की नई स्कीम से जल्द हो सकती है सस्ती

PNG Gas Connection: पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने घरेलू पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) कनेक्शन बढ़ाने के लिए नई इंसेंटिव स्कीम को मंजूरी दी है। यह योजना 1 सितंबर 2026 से लागू होगी। इसका मकसद उन घरों तक भी PNG पहुंचाना है, जहां कनेक्शन मौजूद है, लेकिन अभी गैस की बिलिंग या इस्तेमाल शुरू नहीं हुआ है। साथ ही नए क्षेत्रों में PNG नेटवर्क के विस्तार पर भी जोर दिया जाएगा।

देश में 1.74 करोड़ घरेलू PNG कनेक्शन

सरकार के अनुसार, देश में फिलहाल करीब 1.74 करोड़ घरेलू PNG कनेक्शन हैं। नई योजना के तहत गैस डिस्ट्रीब्यूशन कंपनियों को ज्यादा एक्टिव कनेक्शन बढ़ाने के लिए आर्थिक प्रोत्साहन मिलेगा। इससे कंपनियों के लिए नए घरों तक पाइपलाइन पहुंचाना फायदेमंद हो सकता है और परिवारों को साफ, सुविधाजनक और लगातार मिलने वाली रसोई गैस का ऑप्शन मिलेगा। यह पहल ऐसे समय हुई है, जब स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से जुड़ी दिक्कतों के बीच देश में LPG सप्लाई भी प्रभावित हुई है।

हर अतिरिक्त कनेक्शन पर 200 SCM गैस

योग्य सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (CGD) कंपनियों को इस योजना का लाभ मिलेगा। अगर कोई कंपनी अपने तय टारगेट से ज्यादा नया बिल वाला घरेलू PNG कनेक्शन जोड़ती है, तो उसे हर अतिरिक्त कनेक्शन पर 200 स्टैंडर्ड क्यूबिक मीटर (SCM) घरेलू स्तर पर उत्पादित APM(Administered Price Mechanism) गैस का अतिरिक्त आवंटन मिलेगा। यह नेचुरल गैस भी सरकार द्वारा नियंत्रित होती है और पुराने क्षेत्रों से निकाली जाती है।

कंपनियों की गैस खरीद लागत घट सकती है

APM गैस आमतौर पर दूसरी महंगी गैस के मुकाबले कम कीमत पर उपलब्ध होती है। ऐसे में अतिरिक्त APM गैस मिलने से कंपनियों की कुल गैस खरीद लागत कम हो सकती है। सरकार का मानना है कि इससे CGD कंपनियों को ज्यादा घरों तक PNG कनेक्शन पहुंचाने के लिए आर्थिक प्रोत्साहन मिलेगा।

दो चरणों में लागू होगी स्कीम

इंसेंटिव स्कीम को दो चरणों में लागू किया जाएगा और प्रत्येक चरण छह महीने का होगा। इसका फायदा उन्हीं कंपनियों को मिलेगा, जो अपने संबंधित जिग्राफिकल एरिया के तय लक्ष्य से अधिक घरेलू PNG कनेक्शन को एक्टिव करके उनकी बिलिंग शुरू करेंगी।

महंगी LNG की जगह हो सकेगा इस्तेमाल

अतिरिक्त APM गैस का इस्तेमाल कंपनियां महंगी LNG की जगह कर सकेंगी। फिलहाल कंपनियां LNG का इस्तेमाल अपने CNG ट्रांसपोर्ट कारोबार के लिए करती हैं। इससे गैस की कुल सोर्सिंग लागत घटने की उम्मीद है और घरेलू PNG कनेक्शन बढ़ाना कंपनियों के लिए पहले से ज्यादा आर्थिक रूप से फायदेमंद हो सकता है।

कनेक्शन की लागत 10 साल से घटकर 3 साल होने की उम्मीद

सरकार के मुताबिक, योजना से कंपनियों को PNG नेटवर्क और कनेक्शन पर किए गए निवेश की लागत जल्दी वसूलने में मदद मिल सकती है। अभी घरेलू PNG कनेक्शन पर किया गया कैपिटल एक्सपेंस वापस आने में करीब 10 साल लग सकते हैं। इंसेंटिव के बाद यह अवधि घटकर लगभग 3 साल होने की उम्मीद है। इससे CGD कंपनियां नए इलाकों में पाइपलाइन नेटवर्क तेजी से बढ़ाने और इस्तेमाल में नहीं आ रहे कनेक्शनों को एक्टिव करने पर जोर दे सकती हैं।

VAT घटा तो PNG हो सकती है सस्ती

सरकार राज्यों से नेचुरल गैस पर VAT घटाकर 5% करने की अपील भी कर रही है। टैक्स कम होने से घरेलू PNG की कीमत घटाने में मदद मिल सकती है। सरकार का लक्ष्य PNG को ज्यादा से ज्यादा परिवारों तक पहुंचाना और इसे रसोई के लिए आसान व किफायती ऑप्शन बनाना है।

₹50 की PNG करीब ₹47.50 हो सकती है

अगर किसी राज्य में नेचुरल गैस पर 5% VAT पूरी तरह हटा दिया जाता है और PNG की कीमत ₹50 प्रति SCM है, तो 5% VAT करीब ₹2.50 प्रति SCM होगा। VAT हटने पर इसी हिसाब से कीमत लगभग ₹47.50 प्रति SCM हो सकती है। हालांकि, वास्तविक बिल में कमी राज्य की टैक्स व्यवस्था, गैस की खरीद लागत और स्थानीय CGD कंपनी के चार्ज पर निर्भर करेगी। यानी VAT हटने से PNG कुछ हद तक सस्ती हो सकती है।

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Yogita Tyagi
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योगिता त्यागी एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें राजनीति, मनोरंजन, धर्म और लाइफस्टाइल विषयों में विशेष रुचि है। वर्तमान में वह Mhone News के राजनीतिक, धर्म और मनोरंजन सेक्शन के लिए सक्रिय रूप से लेखन कर रही हैं। डिजिटल मीडिया में तीन वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ, उन्होंने अपने करियर में कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों- जैसे दैनिक भास्कर, पंजाब केसरी, इंडिया डेली लाइव और ITV नेटवर्क में योगदान दिया है। योगिता ने गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय (GGSIPU) से मास कम्युनिकेशन और जर्नलिज्म में स्नातक की डिग्री प्राप्त की है, जिसने उनके डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में गहन, प्रभावशाली और विश्वसनीय लेखन की मजबूत नींव रखी है।
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