भारत ने मंगलवार को पाकिस्तान के कब्ज़े वाले कश्मीर (PoK) के हालात पर अपनी चिंता फिर से ज़ाहिर की। विदेश मंत्रालय (MEA) के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने इस इलाके में चल रहे विरोध-प्रदर्शनों और लोगों की मौत व घायल होने की खबरों का ज़िक्र किया।
India restates its concern over Pakistan occupied Kashmir situation: pic.twitter.com/QBPVAaNE4W
— Sidhant Sibal (@sidhant) August 18, 2026
विरोध-प्रदर्शनों पर भारत की चिंता
जायसवाल ने PoK में चल रही अशांति का ज़िक्र किया और विरोध-प्रदर्शनों के दौरान लोगों के हताहत होने की खबरों पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि मौतों और घायलों का मामला पाकिस्तानी सेना की ज़्यादती से जुड़ा है, जिसे भारत ने इसी तरह बताया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने इलाके में रहने वाले लोगों के लिए भी चिंता जताई और कहा कि वे अंतरराष्ट्रीय समुदाय से सहानुभूति और समर्थन के हकदार हैं।
‘PoK के लोग सहानुभूति और समर्थन के हकदार हैं’
भारत ने जम्मू-कश्मीर के पाकिस्तान के नियंत्रण वाले इलाकों में मानवाधिकारों के उल्लंघन और आम नागरिकों के साथ किए जा रहे व्यवहार पर बार-बार चिंता जताई है। जायसवाल की ये ताज़ा टिप्पणी PoK में लगातार हो रहे विरोध-प्रदर्शनों और अशांति की खबरों के बीच आई है। भारत ने पहले भी अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इन हालात पर ध्यान देने को कहा है और आम नागरिकों व प्रदर्शनकारियों पर की गई कार्रवाई की आलोचना की है।
जम्मू-कश्मीर पर भारत का रुख़
ये टिप्पणियां नई दिल्ली के उस पुराने रुख़ को भी दिखाती हैं कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के पूरे केंद्र शासित प्रदेश जिनमें पाकिस्तान के नियंत्रण वाले इलाके भी शामिल हैं, भारत का अभिन्न अंग हैं।
भारत ने पाकिस्तान के प्रशासन वाले इलाके को हमेशा ‘पाकिस्तान के कब्ज़े वाला जम्मू-कश्मीर’ कहा है और इस्लामाबाद पर इस इलाके का शोषण करने और सीमा पार आतंकवाद का समर्थन करने का आरोप लगाया है।
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