उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को अयोध्या पहुंचे। करीब तीन घंटे के दौरे के दौरान उन्होंने हनुमानगढ़ी और श्रीराम जन्मभूमि में दर्शन-पूजन किया। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने संतों के विभिन्न कार्यक्रमों में हिस्सा लिया और कई स्थानों पर श्रद्धांजलि व पुष्पांजलि अर्पित की। अयोध्या में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने सनातन परंपराओं की रक्षा के लिए समाज से एकजुट रहने की अपील की।
‘बंटने का खामियाजा देश ने भुगता’
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि इतिहास केवल अतीत की घटनाओं का लेखा-जोखा नहीं है, बल्कि उससे समाज को प्रेरणा और सीख भी मिलती है। उन्होंने कहा कि देश के सामने जब भी एकजुटता की कमी रही, तब उसका नुकसान उठाना पड़ा। इसलिए पिछली गलतियों से सबक लेते हुए यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि ऐसी परिस्थितियां दोबारा पैदा न हों। मुख्यमंत्री ने 14 अगस्त 1947 का जिक्र करते हुए कहा कि स्वतंत्रता मिलने से ठीक एक दिन पहले देश का विभाजन हुआ था। उन्होंने आरोप लगाया कि भारत की घटनाओं पर आवाज उठाने वाले कुछ राजनीतिक दल और नेता पाकिस्तान व बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ होने वाली हिंसा पर चुप्पी साध लेते हैं।
संभल को लेकर बोले- अब वहां शांति का माहौल
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में संभल का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि 2024 में हुई हिंसा के बाद सरकार ने वहां कानून-व्यवस्था बहाल करने के साथ जमीन से जुड़े मामलों में भी कार्रवाई की। योगी ने दावा किया कि संभल के इतिहास की जांच कराई गई और धार्मिक स्थलों से जुड़ी जमीन पर हुए अतिक्रमण की पहचान की गई। उन्होंने कहा, “हमने सभी अतिक्रमण हटाए। करीब 1,000 एकड़ जमीन, जिस पर अतिक्रमण था, उसे वापस लिया गया है और इसे गरीबों, दलितों तथा कमजोर वर्गों को आवंटित किया जा रहा है।”
‘अयोध्या का पिछले वर्षों में हुआ विकास’
मुख्यमंत्री योगी ने अयोध्या के बदलते स्वरूप का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में शहर में व्यापक स्तर पर विकास कार्य हुए हैं। पुराने समय की अयोध्या का जिक्र करते हुए योगी ने कहा कि उस समय शहर में बुनियादी सुविधाओं की कमी, संकरी गलियां और सफाई से जुड़ी समस्याएं थीं। उन्होंने कहा कि हिंदू परंपरा में अयोध्या का स्थान सात पवित्र नगरों में है। ऐसे में शहर का आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विकास होने के साथ-साथ आधुनिक सुविधाओं के लिहाज से भी उसका विकास होना जरूरी है।
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