ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान अगले महीने भारत दौरे पर आएंगे। वह नई दिल्ली में होने वाले BRICS शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। ईरान ने शुक्रवार को पेजेशकियान की भारत यात्रा की आधिकारिक पुष्टि कर दी है। उनका यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है, जब पश्चिम एशिया में तनाव बना हुआ है। ऐसे में भारत यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों के साथ-साथ क्षेत्रीय हालात पर भी अहम चर्चा होने की संभावना है।
BRICS में ईरान की बढ़ी भूमिका
ईरान वर्ष 2024 में BRICS का पूर्ण सदस्य बना था। इसके बाद से तेहरान इस मंच के जरिए आर्थिक और राजनीतिक सहयोग को बढ़ाने पर जोर देता रहा है। भारत की अध्यक्षता में होने वाला आगामी BRICS सम्मेलन ईरान के लिए अपनी प्राथमिकताओं और क्षेत्रीय मुद्दों को प्रमुखता से उठाने का अहम मंच होगा। जून में ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची भी BRICS विदेश मंत्रियों की बैठक में हिस्सा लेने भारत आए थे। उस दौरान उन्होंने कहा था कि पश्चिम एशिया में तनाव कम करने में भारत महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
पहले भी मिल चुके हैं PM मोदी और पेजेशकियान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान की इससे पहले अक्टूबर 2024 में रूस के कजान में आयोजित BRICS सम्मेलन के दौरान मुलाकात हुई थी। दोनों नेताओं ने भारत-ईरान संबंधों के अलावा पश्चिम एशिया की स्थिति समेत कई क्षेत्रीय मुद्दों पर चर्चा की थी। इस बैठक में प्रधानमंत्री मोदी ने चाबहार बंदरगाह को दोनों देशों के बीच सहयोग का महत्वपूर्ण केंद्र बताया था। साथ ही व्यापार, कनेक्टिविटी और क्षेत्रीय सहयोग को मजबूत करने पर जोर दिया गया था।
चाबहार बंदरगाह पर भी रहेगा फोकस
चाबहार बंदरगाह भारत और ईरान के रिश्तों में रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण है। यह बंदरगाह भारत को मध्य एशिया तक पहुंच बनाने में मदद करता है। पेजेशकियान की भारत यात्रा के दौरान चाबहार परियोजना के अलावा व्यापार और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा होने की उम्मीद है। दोनों देश आर्थिक सहयोग को आगे बढ़ाने के तरीकों पर भी विचार कर सकते हैं। पेजेशकियान का भारत दौरा पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच हो रहा है। भारत लगातार इस क्षेत्र में शांति और स्थिरता के लिए बातचीत व कूटनीति के जरिए समाधान की वकालत करता रहा है। जुलाई में प्रधानमंत्री मोदी और पेजेशकियान के बीच फोन पर बातचीत भी हुई थी। दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति और क्षेत्रीय शांति पर चर्चा की थी। प्रधानमंत्री मोदी ने विवादों को बातचीत के जरिए सुलझाने और होर्मुज स्ट्रेट में आवाजाही व व्यापार की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने की जरूरत पर जोर दिया था।
भारत-ईरान रिश्तों के लिए अहम दौरा
पेजेशकियान की भारत यात्रा दोनों देशों के संबंधों के लिए अहम मानी जा रही है। BRICS के मंच पर वैश्विक दक्षिण, आर्थिक सहयोग और पश्चिम एशिया की सुरक्षा स्थिति जैसे मुद्दों पर भारत और ईरान के बीच विचारों का आदान-प्रदान हो सकता है। ऐसे में सितंबर में होने वाला पेजेशकियान का दिल्ली दौरा न सिर्फ भारत-ईरान संबंधों, बल्कि पश्चिम एशिया की क्षेत्रीय कूटनीति के लिहाज से भी महत्वपूर्ण रहने वाला है।
राम जनम चौहान वर्तमान में MH One News के साथ जुड़े हुए हैं। वे मुख्य रूप से पॉलिटिक्स और नेशनल न्यूज़ को कवर करते हैं। उन्होंने पत्रकारिता की शुरुआत दैनिक जागरण संस्थान के साथ की। इसके अलावा Zee Media और India News में इंटर्नशिप की है। राम जनम चौहान ने डॉ. भीमराव अंबेडकर कॉलेज (गोकलपुरी, दिल्ली) से पत्रकारिता एवं जनसंचार (BJMC) की डिग्री प्राप्त की है।