सावन शिवरात्रि के अवसर पर देशभर के शिव मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ दिखाई दे रही है। हरिद्वार के दक्षेश्वर महादेव मंदिर में भी देर रात से भक्तों की लंबी कतारें लगी हुई हैं। श्रद्धालु ‘हर-हर महादेव’ और ‘बम-बम भोले’ के जयकारे लगाते हुए भगवान शिव का जलाभिषेक कर रहे हैं। मान्यता के अनुसार दक्षेश्वर महादेव को भगवान शिव का ससुराल माना जाता है, इसलिए इस मंदिर में शिवरात्रि के दिन विशेष उत्साह देखने को मिलता है।
कांवड़ यात्रा में रिकॉर्ड तोड़ भीड़
पुलिस के अनुसार, इस बार हरिद्वार में कांवड़ यात्रा(Kanwar Yatra) के दौरान श्रद्धालुओं की संख्या ने नया रिकॉर्ड बनाया। सोमवार शाम तक करीब 4.43 करोड़ कांवड़िए हरिद्वार से गंगाजल लेकर अपने घरों के लिए रवाना हो चुके थे। वहीं, अकेले सोमवार को लगभग 63.60 लाख श्रद्धालु हरिद्वार पहुंचे।
करीब 15 दिनों तक चली इस यात्रा में देश के अलग-अलग हिस्सों से शिवभक्त हरिद्वार आए। गंगाजल लेने के बाद कांवड़िए अपने शहरों और गांवों की ओर लौटते रहे। सावन शिवरात्रि के साथ कांवड़ यात्रा का समापन हो रहा है।
सुरक्षा और सुविधाओं पर प्रशासन का फोकस
श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं। कांवड़ मार्गों और प्रमुख मंदिरों के आसपास पुलिस के साथ पैरामिलिट्री फोर्स की तैनाती की गई है। महिला पुलिसकर्मियों को भी ड्यूटी पर लगाया गया है।
भीड़ को नियंत्रित करने और यातायात सुचारू रखने के लिए कई स्थानों पर ट्रैफिक डायवर्जन और जरूरी प्रतिबंध लागू किए गए हैं। इसके अलावा श्रद्धालुओं के लिए चिकित्सा, भोजन, पानी और आराम जैसी सुविधाओं की व्यवस्था भी की गई है।
शांतिपूर्वक हो रहा जलाभिषेक
सीओ सिटी शिशुपाल सिंह नेगी के मुताबिक, शिवरात्रि पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिरों में पहुंच रहे हैं। सुरक्षा व्यवस्था के लिए पर्याप्त पुलिस और पैरामिलिट्री बल तैनात है।
प्रशासन के मुताबिक, श्रद्धालु शांतिपूर्वक जलाभिषेक कर रहे हैं और पूजा के बाद अपने गंतव्य की ओर लौट रहे हैं। 30 जुलाई से शुरू हुई कांवड़ यात्रा के अंतिम दिन हरिद्वार समेत देशभर के शिव मंदिरों में भक्ति और उत्साह का माहौल बना हुआ है।