बिहार(Bihar) के खगड़िया में कथित फर्जी IAS अधिकारी की गिरफ्तारी के बाद उसके घर से बरामद सामान ने पुलिस की जांच को नया मोड़ दे दिया है। गोगरी थाना क्षेत्र के जमालपुर बाजार में हुई कार्रवाई के दौरान पुलिस को Tesla कार, Tata Safari, कई मोबाइल फोन, क्रेडिट कार्ड, चेकबुक और महंगी विदेशी शराब मिली। इसी तलाशी के दौरान बारहसिंगा के दो सींग भी बरामद किए गए। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि ये सींग आरोपी के पास कहां से आए और इन्हें घर में रखने की वजह क्या थी।
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार मनीष गुप्ता खुद को IAS अधिकारी बताकर लोगों पर प्रभाव जमाता था। छापेमारी में मिली Tesla कार पर कथित तौर पर Government of India लिखा हुआ था। इसके अलावा पांच Apple मोबाइल फोन, 20 क्रेडिट कार्ड, चार चेकबुक और करीब 31 लीटर विदेशी शराब भी बरामद होने की बात सामने आई है।
बारहसिंगा के सींगों पर भी जांच जारी
वन्यजीवों से जुड़े अवशेषों की बरामदगी को पुलिस अलग पहलू से देख रही है। जांच में यह पता लगाया जा सकता है कि बरामद सींग वास्तव में बारहसिंगा के हैं या नहीं और यदि ऐसा है तो वे आरोपी तक किस माध्यम से पहुंचे। केवल सींग मिलने से किसी गलत और अवैध करानामे का कोई नतीजा निकालना जल्दबाजी होगी। इसके स्रोत और इस्तेमाल की वास्तविक स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
फर्जी IAS बनकर ठगी का आरोप
पुलिस का आरोप है कि मनीष गुप्ता फर्जी IAS पहचान के जरिए खगड़िया समेत बिहार के अन्य हिस्सों में लोगों को प्रभावित कर कथित तौर पर ठगी करता था। पुलिस के अनुसार, वह खुद को राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल का अंडरकवर एजेंट भी बताता था। उसके पास से मिला कथित IAS पहचान पत्र जांच में फर्जी पाया गया है।
EOU करेगी आर्थिक पहलू की जांच
खगड़िया के एसपी भानू प्रताप सिंह के मुताबिक, मामले की जांच में आर्थिक अपराध इकाई (EOU) की सहायता ली जाएगी। जांच के दौरान आरोपी की संपत्ति, आर्थिक लेन-देन और कथित ठगी से जुड़े नेटवर्क की पड़ताल की जाएगी। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटेगी कि मनीष गुप्ता कब से फर्जी IAS अधिकारी बनकर लोगों को प्रभावित कर रहा था और इस पहचान के जरिए उसने कितनी संपत्ति जुटाई।