दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने आज दिल्ली-उत्तर प्रदेश सीमा पर स्थित कांवड़ सेवा शिविर का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने वहां पहुंचे शिवभक्तों का स्वागत किया और उन पर पुष्पवर्षा कर उनका उत्साह बढ़ाया। यात्रा में भाग ले रहे श्रद्धालुओं से संवाद करते हुए मुख्यमंत्री ने उनकी यात्रा के अनुभवों को जाना और सरकार द्वारा मुहैया कराई जा रही सुविधाओं का फीडबैक लिया।
श्रावण में दिल्ली का कण-कण शिवमय है।
आज दिल्ली-उत्तर प्रदेश बॉर्डर स्थित कांवड़ सेवा शिविर में देवतुल्य कांवड़ियों को प्रणाम कर उनका स्वागत करने, उन पर पुष्पवर्षा करने और उन्हें पावन यात्रा के लिए रवाना करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ।विभिन्न कांवड़ सेवा शिविरों का निरीक्षण कर… pic.twitter.com/nGUpTWsn1F
— Rekha Gupta (@gupta_rekha) August 8, 2026
हर मोर्चे पर मुस्तैद है सरकार
शिविर का जायजा लेने के बाद मुख्यमंत्री ने बताया कि दिल्ली प्रशासन यह सुनिश्चित करने में जुटा है कि कांवड़ियों को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। साफ-सफाई, शुद्ध पेयजल, स्वास्थ्य सेवाएं, निर्बाध बिजली आपूर्ति, साफ-सुथरे शौचालय, सुरक्षा और यातायात के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं, जिन पर सरकार की पैनी नजर बनी हुई है। उन्होंने शिविरों में सेवा दे रहे कार्यकर्ताओं और संचालकों के समर्पण भाव की भी खुलकर सराहना की।
बढ़ाई गई आर्थिक मदद
शिवभक्तों की सेवा में जुटी कांवड़ समितियों को बड़ी राहत देते हुए दिल्ली सरकार ने वित्तीय सहायता राशि में भारी इजाफा किया है। नए प्रावधानों के तहत, 20,000 वर्गफुट से बड़े और 6 से 12 दिन तक चलने वाले शिविरों के लिए मिलने वाली सहायता को ₹11 लाख से बढ़ाकर ₹15 लाख कर दिया गया है। इसी तरह, 20,000 वर्गफुट से बड़े और 3 से 5 दिन अवधि वाले शिविरों का अनुदान ₹6 लाख से बढ़ाकर ₹9 लाख कर दिया गया है।
आकार और अवधि के हिसाब से तय हुआ बजट
छोटे और मध्यम आकार के शिविरों का भी पूरा ख्याल रखा गया है। 15,001 से 20,000 वर्गफुट तक के शिविरों को अवधि के अनुसार ₹8 लाख से ₹9 लाख तक की मदद दी जाएगी। इसके अलावा, 10,001 से 15,000 वर्गफुट के दायरे वाले शिविरों को ₹6 लाख से ₹8 लाख, 5,001 से 10,000 वर्गफुट के शिविरों को ₹3 लाख से ₹5 लाख और 5,000 वर्गफुट तक के छोटे शिविरों को ₹2 लाख से ₹3 लाख तक का आर्थिक सहयोग मिलेगा।
मुफ्त बिजली से रोशन होंगे सभी शिविर
वित्तीय अनुदान के साथ-साथ सरकार ने समितियों को एक और बड़ी राहत दी है। कांवड़ शिविरों के सुचारू संचालन में किसी प्रकार की बिजली बाधा न आए, इसके लिए सभी पंजीकृत समितियों को 1,200 यूनिट तक बिजली पूरी तरह मुफ्त उपलब्ध कराई जा रही है। सरकार के इस जनहित फैसले से कांवड़ यात्रा के दौरान सेवा कार्यों में और अधिक तेजी आएगी।

