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गोरखपुर यूनिवर्सिटी में ‘प्रोफेसर’ तौर पर हुआ रवि किशन का चयन, पहली ही क्लास में छात्रों को सिखाया संघर्ष का पाठ

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर से भाजपा सांसद और अभिनेता रवि किशन(Ravi Kishan) शिक्षक की भूमिका में भी नजर आए। उन्हें हाल ही में दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के ललित कला एवं संगीत विभाग में प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस चुना गया है। इसी जिम्मेदारी के तहत शनिवार 18 जुलाई को उन्होंने विश्वविद्यालय पहुंचकर छात्र-छात्राओं की पहली क्लास ली।

रवि किशन तय समय से करीब 15 मिनट पहले ही विभाग पहुंच गए थे। वहां विभागाध्यक्ष प्रोफेसर अनुभूति दुबे ने उनका स्वागत किया और उन्हें जिम्मेदारी संभालने के लिए जॉइनिंग कराई। इसके बाद उन्होंने विद्यार्थियों के साथ लगभग एक घंटे तक बातचीत की और अपने जीवन के अनुभव साझा किए।

ललित कला एवं संगीत विभाग में ली पहली क्लास

दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के ललित कला एवं संगीत विभाग में शनिवार 18 जुलाई को प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस रवि किशन ने अपनी पहली क्लास ली जिसका समय सुबह 11 बजे था लेकिन रवि किशन इससे 15 मिनट पहले ही यानी 10:45 बजे विभाग पहुंच गए थे। क्लास के दौरान रवि किशन ने छात्रों के साथ अपने जीवन के अनुभव साझा किए।

उन्होंने अपने संघर्ष, अभिनय करियर और सफलता की कहानी सुनाई। उन्होंने बताया कि किस तरह मिट्टी के घर से निकलकर उन्होंने मुंबई फिल्म इंडस्ट्री, भोजपुरी और दक्षिण भारतीय सिनेमा में अपनी अलग पहचान बनाई। 35 वर्षों की मेहनत और संघर्ष के बाद उन्हें कई सम्मान और पुरस्कार मिले लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी।

घबराने की बजाय आगे बढ़ने की दी सलाह

क्लास के दौरान बीच में अचानक बिजली भी चली गई थी इसके बावजूद भी रवि किशन ने सहजता बनाए रखी और बिना किसी परेशानी के छात्रों से संवाद जारी रखा। उन्होंने युवाओं को सलाह दी कि जीवन में आने वाली असफलताओं से निराश नहीं होना चाहिए।

संघर्ष के समय उन लोगों से प्रेरणा लेनी चाहिए जिन्होंने मेहनत के दम पर सफलता हासिल की है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि सकारात्मक सोच रखने वाले लोगों का साथ जीवन में आगे बढ़ने में मदद करता है।

एक्टिंग के बाद राजनीति में चुनी नई राह

रवि किशन ने छात्रों को यह भी बताया कि उन्होंने फिल्मी दुनिया में सफलता हासिल करने के बाद राजनीति का रास्ता देश सेवा के लिए चुना। उन्होंने कहा कि वह चाहते तो आरामदायक जीवन जी सकते थे लेकिन उन्होंने सार्वजनिक जीवन में आकर लोगों के लिए काम करने का फैसला किया।

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में हो रहे विकास कार्यों में अपनी भूमिका निभाने की बात भी छात्रों के सामने रखी।

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