America-Iran War: अमेरिका और ईरान के बीच जारी जंग लगातार और गंभीर होती जा रही है। शुक्रवार सुबह अमेरिकी सेना ने दक्षिणी ईरान में बड़े पैमाने पर हवाई हमले किए। इस बार सैन्य ठिकानों के साथ-साथ पुलों, कम्युनिकेशन टावरों, एयरपोर्ट, सड़क और रेलवे नेटवर्क और सैन्य लॉजिस्टिक ढांचे को भी निशाना बनाया गया। अमेरिकी सेना का कहना है कि इन हमलों का उद्देश्य ईरान की सैन्य क्षमता को कमजोर करना और होर्मुज स्ट्रेट पर उसकी रणनीतिक पकड़ को सीमित करना है।
CENTCOM ने बताया हमलों का उद्देश्य
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार लड़ाकू विमान, ड्रोन और युद्धपोतों की मदद से कई सटीक हमले किए गए। इन हमलों में कोस्टल सर्विलांस सिस्टम, एयर डिफेंस सिस्टम, सैन्य लॉजिस्टिक्स और समुद्री सैन्य क्षमताओं को निशाना बनाया गया। यह लगातार छठी रात थी जब अमेरिकी सेना ने ईरान पर बड़े स्तर पर कार्रवाई की। CENTCOM का दावा है कि पश्चिम एशिया में उसके 50 हजार से अधिक सैनिक पूरी तरह अलर्ट पर हैं।
पुल, एयरपोर्ट और संचार नेटवर्क पर भी हमला
ईरानी सरकारी मीडिया के मुताबिक, अमेरिका ने होर्मोजगान प्रांत में कम से कम पांच पुलों पर मिसाइल हमले किए। बंदर खमीर ब्रिज पर हुए हमले में सात लोगों की मौत और नौ लोगों के घायल होने की सूचना है। तेहरान के आसपास, सेमनान प्रांत, एयरपोर्ट और दूसरे रणनीतिक ठिकानों पर भी हमलों का दावा किया गया है। सेमनान को ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल और अंतरिक्ष का प्रमुख केंद्र माना जाता है।
दक्षिणी ईरान के कई शहरों में हुए विस्फोट
ताजा हमलों में अमेरिका ने अहवाज, केश्म द्वीप, बुशेहर, दश्ती, बोस्तान, सीरिक और बंदर-ए-लेंगेह समेत दक्षिणी तटीय इलाकों को निशाना बनाया। बंदर अब्बास के टेपेह अल्लाह अकबर इलाके सहित शहर के कई हिस्सों में विस्फोट हुए। बंदर-ए-खामिर के पास दो अहम पुलों पर भी मिसाइलें दागी गईं। इसके अलावा होर्मोजगान प्रांत के सड़क और रेलवे नेटवर्क को भी निशाना बनाया गया। दक्षिण-पूर्वी शहर ईरानशहर के एयरपोर्ट को नुकसान पहुंचा, जिससे कई इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। रणनीतिक महत्व वाले किश द्वीप पर हुए हवाई हमलों के बाद वहां भी कुछ समय के लिए बिजली गुल हो गई।
कई अहम पुलों को बनाया गया निशाना
ईरानी मीडिया के अनुसार, गारीवेह ब्रिज, जो बंदर अब्बास को खामिर और लार से जोड़ता है, हमलों की जद में रहा। इसके अलावा लतीदान गांव के पास का पुल, काहूरेस्तान-लार मार्ग पर बने दो पुल, बंदर-ए-खामिर, केशार और बंदर अब्बास को जोड़ने वाला निर्माणाधीन पुल तथा खामिर जिले के मारू गांव का पुल भी निशाना बनाया गया। माना जा रहा है कि इन हमलों का उद्देश्य दक्षिणी ईरान के सड़क संपर्क और सैन्य लॉजिस्टिक नेटवर्क को कमजोर करना था।
कतर-बहरीन-कुवैत में ईरान का पलटवार
हमलों के बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई तेज करते हुए कतर, बहरीन और कुवैत में अमेरिकी सहयोगी ठिकानों की ओर मिसाइलें दागीं। कतर में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई, जबकि राजधानी दोहा के ऊपर एयर डिफेंस सिस्टम ने कई मिसाइलों को इंटरसेप्ट किया। ईरानी सेना ने चेतावनी दी है कि यदि अमेरिका पावर प्लांट्स और अन्य नागरिक बुनियादी ढांचे पर हमले जारी रखता है, तो पूरे क्षेत्र के अहम इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाया जाएगा। रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान ने यमन के हूती विद्रोहियों को भी रेड सी के तेल मार्ग को बाधित करने के लिए तैयार रहने को कहा है, जिससे वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर नया खतरा पैदा हो सकता है।
होर्मुज स्ट्रेट में बढ़ा तनाव
होर्मुज स्ट्रेट में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों की समुद्री नाकेबंदी दोबारा लागू कर दी है। अमेरिकी सेना का दावा है कि उसने नाकेबंदी तोड़ने की कोशिश कर रहे तीन व्यापारिक जहाजों को रोका, एक जहाज को निष्क्रिय किया और दूसरे की तलाशी ली। समुद्री डेटा एजेंसी लॉयड्स लिस्ट के अनुसार, होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले कार्गो जहाजों की आवाजाही में भारी गिरावट दर्ज की गई है। कई जहाज अपने लोकेशन ट्रांसपोंडर बंद कर डार्क ट्रांजिट के जरिए गुजरने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि कई जहाज अब भी समुद्र में फंसे हुए हैं। इससे वैश्विक तेल बाजार और सप्लाई चेन पर दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है।
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