NEET-UG 2026 पेपर लीक(NEET paper leak) मामले की जांच कर रही केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने दिल्ली की एक अदालत में महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है। एजेंसी ने दावा करते हुए बताया है कि लातूर के एक कोचिंग संचालक के मोबाइल फोन से मिले केमिस्ट्री के हस्तलिखित सवालों में से बड़ी संख्या राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) के मूल प्रश्न पत्र से मेल खाते हैं।
CBI के मुताबिक, आरोपी शिवराज मोटेगांवकर के मोबाइल फोन से 136 हस्तलिखित केमिस्ट्री प्रश्न बरामद किए गए थे। जांच एजेंसी का दावा है कि इनमें से 111 सवाल NEET-UG 2026 के मास्टर प्रश्न पत्र में शामिल प्रश्नों से समान पाए गए। यह जानकारी CBI ने आरोपी की जमानत याचिका का विरोध करते हुए अदालत में दाखिल अपने जवाब में दी है।
कोचिंग सेंटर और लीक नेटवर्क की जांच तेज
CBI का दावा है कि मोबाइल में मिली तस्वीरें 23 अप्रैल 2026 की हैं, जबकि NEET-UG परीक्षा 3 मई को हुई थी। एजेंसी के अनुसार, ये सवाल परीक्षा से पहले उपलब्ध थे। जांच में शिवराज मोटेगांवकर तक पहुंचने वाले इन प्रश्नों के स्रोत और कथित लीक नेटवर्क की पड़ताल की जा रही है।
टेलीग्राम के जरिए पेपर बेचने का आरोप
CBI ने अदालत को बताया कि जांच में प्रश्न पत्र लीक कर उसे कथित तौर पर टेलीग्राम जैसे प्लेटफॉर्म के जरिए छात्रों तक पहुंचाने की बात सामने आई है। एजेंसी का आरोप है कि लीक सामग्री के बदले बड़ी रकम की मांग की गई थी। इसके अलावा एक कथित गेस पेपर भी छात्रों के बीच बांटे जाने की जांच की जा रही है।
अब तक 13 आरोपी गिरफ्तार
CBI के अनुसार, मामले में अब तक 13 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें शिक्षक और अभ्यर्थी दोनों शामिल हैं। जांच एजेंसी विभिन्न शहरों में हुई गिरफ्तारियों के आधार पर पूरे नेटवर्क की भूमिका की पड़ताल कर रही है।
NEET-UG 2026 परीक्षा में लाखों छात्र शामिल हुए थे। पेपर लीक के आरोपों के बाद परीक्षा प्रक्रिया और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर देशभर में सवाल उठे हैं। मामले की जांच अभी जारी है और आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।