Delhi Police Himanshu Bhau Gang: दिल्ली पुलिस की स्पेशल स्टाफ टीम ने फरार गैंगस्टर हिमांशु भाऊ गिरोह के दो शूटरों को गिरफ्तार कर एक कारोबारी की हत्या की साजिश को वारदात से पहले ही नाकाम कर दिया। गिरफ्तार आरोपियों में एक नाबालिग भी शामिल है। पुलिस ने दोनों के कब्जे से दो अवैध सेमी-ऑटोमैटिक पिस्तौल और छह जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। मामले में तिमारपुर थाने में आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज कर जांच की जा रही है।
रंगदारी नहीं देने पर बनाई गई थी हत्या की योजना
पुलिस जांच में सामने आया कि दोनों आरोपी गैंगस्टर हिमांशु भाऊ के संपर्क में थे और रोहिणी के एक कारोबारी की हत्या करने दिल्ली पहुंचे थे। कारोबारी को इसी वर्ष मार्च में हिमांशु भाऊ गिरोह की ओर से रंगदारी की धमकी मिली थी। इस संबंध में अमन विहार थाने में पहले ही FIR दर्ज की गई थी और कारोबारी को सुरक्षा भी दी गई थी।
दो आरोपियों की हुई गिरफ्तारी
उत्तरी जिले की अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त निहारिका भट्ट के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों में हरियाणा के जींद जिले के मनोहरपुर गांव का 26 वर्षीय प्रदीप उर्फ काली और फतेहाबाद का 17 साल का किशोर शामिल हैं। पूछताछ में दोनों ने स्वीकार किया कि वे हिमांशु भाऊ के निर्देश पर कारोबारी की हत्या करने आए थे।
नेहरू विहार के पास पुलिस ने दबोचा
गिरोह की सूचना मिलने के बाद स्पेशल स्टाफ के प्रभारी इंस्पेक्टर रोहित सारस्वत की टीम ने छह और सात जुलाई की रात नेहरू विहार के पास घेराबंदी की। इसी दौरान दोनों आरोपी पुलिस के हत्थे चढ़ गए। गिरफ्तारी से पहले उनकी मुलाकात गिरोह के अन्य सदस्यों से होनी थी, लेकिन पुलिस ने समय रहते उन्हें पकड़ लिया।
ऐसे पहुंचाए गए हथियार
पूछताछ में नाबालिग आरोपी ने बताया कि फरार गैंगस्टर हिमांशु भाऊ ने अपने सहयोगी मोनू के मोबाइल फोन के जरिए उससे संपर्क किया था। मोनू कई हत्या के मामलों में शामिल रहने के बाद विदेश फरार हो चुका है। निर्देश मिलने पर किशोर जींद पहुंचा, जहां उसकी मुलाकात प्रदीप से हुई। अगले दिन गिरोह के सहयोगी दोनों को कार से लेकर चले और रास्ते में पहले किशोर और बाद में लखन माजरा टोल प्लाजा के पास प्रदीप को एक-एक पिस्तौल दी गई।
मुकरबा चौक से नेहरू विहार जा रहे थे आरोपी
पुलिस के अनुसार, आरोपियों को दिल्ली लाकर मुकरबा चौक के पास उतारा गया था। वहां से वे पैदल नेहरू विहार की ओर जा रहे थे, जहां उनकी गैंग के अन्य सदस्यों से मुलाकात होनी थी। इससे पहले ही पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया और हत्या की साजिश विफल कर दी।
अन्य आरोपियों की तलाश जारी
पुलिस के मुताबिक, हथियारों की व्यवस्था गिरोह के स्थानीय सदस्यों ने की थी। जांच में यह भी सामने आया कि प्रदीप पढ़ाई छोड़ चुका था और पहले बस कंडक्टर और बाद में जींद की एक शराब की दुकान पर काम करता था। फिलहाल पुलिस हिमांशु भाऊ गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी के प्रयास में जुटी है और मामले की जांच जारी है।
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