इंग्लैंड के खिलाफ़ पांचवें और आखिरी T20I मैच की प्लेइंग XI से वैभव सूर्यवंशी को बाहर किए जाने के बाद भारत के हेड कोच गौतम गंभीर पर नए सिरे से सवाल उठ रहे हैं। इस फैसले ने कई लोगों को हैरान कर दिया क्योंकि भारत पहले ही आखिरी मैच से पहले सीरीज़ हार चुका था। फैंस और एक्सपर्ट्स को उम्मीद थी कि इस ‘डेड रबर’ मैच में 15 साल के इस खिलाड़ी को एक और मौका मिलेगा।
इसके बजाय, टीम मैनेजमेंट ने संजू सैमसन को वापस बुला लिया, जिनकी जगह सीरीज़ के दौरान सूर्यवंशी को लाया गया था। इस कदम ने भारत की सिलेक्शन स्ट्रैटेजी और लंबे समय की प्लानिंग पर बहस छेड़ दी है। कई लोगों का मानना है कि युवा बल्लेबाज़ पर भरोसा बनाए रखने के लिए आखिरी मैच एक बेहतरीन मौका हो सकता था।
Presenting #TeamIndia's Playing XI for the 5️⃣th and final T20I 🙌
Updates ▶️ https://t.co/7mo5osv0MW#ENGvIND pic.twitter.com/uSVKJB5raY
— BCCI (@BCCI) July 11, 2026
इंग्लैंड के खिलाफ़ T20I सीरीज़ में अपनी तीन पारियों में वैभव सूर्यवंशी ने 13, 14 और 15 रन बनाए। हालांकि 15 साल के इस खिलाड़ी ने अपनी निडर बल्लेबाज़ी की झलक दिखाई, लेकिन उन्हें जोफ्रा आर्चर की तेज़ और उछाल भरी गेंदों का सामना करने में मुश्किल हुई, जिन्होंने उन्हें लगातार मैचों में आउट किया। कम समय तक क्रीज़ पर टिकने के बावजूद, उम्मीद थी कि राजस्थान रॉयल्स के इस स्टार खिलाड़ी को उनके टैलेंट को देखते हुए और मौके दिए जाएंगे।
इस फैसले ने गंभीर को भी चर्चा में ला दिया है, क्योंकि हाल के महीनों में उनकी टीम सिलेक्शन की आलोचना होती रही है। हालांकि सैमसन का अनुभव बैटिंग लाइनअप को मज़बूती देता है, लेकिन कई पूर्व खिलाड़ियों और फैंस ने उनकी वापसी के समय पर सवाल उठाए हैं। उनका तर्क है कि सीरीज़ के नतीजे के बाद वाले मैच का इस्तेमाल सूर्यवंशी को और ज़्यादा इंटरनेशनल अनुभव देने के लिए किया जा सकता था।
READ MORE: ईरान का महा-संकल्प, खामेनेई की हत्या का बदला लेंगे…

