उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को अपने कार्यकाल के पांच वर्ष पूरे कर एक नया राजनीतिक रिकॉर्ड बना दिया। वह राज्य के इतिहास में BJP के पहले मुख्यमंत्री बन गए हैं, जिन्होंने लगातार पांच साल तक मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी निभाई। जुलाई 2021 में पहली बार मुख्यमंत्री बनने वाले धामी ने 2022 में दोबारा सरकार बनने के बाद भी अपनी कुर्सी बरकरार रखी और अब इस उपलब्धि तक पहुंचे हैं।
राजनीतिक अस्थिरता के बीच मिली थी जिम्मेदारी
पुष्कर सिंह धामी ने 4 जुलाई 2021 को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। उस समय भाजपा ने कुछ ही महीनों के भीतर दो बार नेतृत्व परिवर्तन किया था। पहले त्रिवेंद्र सिंह रावत की जगह तीरथ सिंह रावत को मुख्यमंत्री बनाया गया और फिर चार महीने बाद पार्टी नेतृत्व ने धामी को राज्य की कमान सौंप दी। चुनाव से ठीक पहले मिली इस जिम्मेदारी को उन्होंने बेहतरीन ढंग से निभाया।
हार के बाद भी कायम रहा नेतृत्व पर भरोसा
2022 के विधानसभा चुनाव में BJP ने पूर्ण बहुमत हासिल किया, लेकिन धामी अपनी खटीमा सीट हार गए। इसके बावजूद पार्टी नेतृत्व ने उन पर विश्वास बनाए रखा और उन्हें दोबारा मुख्यमंत्री नियुक्त किया। बाद में उन्होंने चंपावत उपचुनाव में रिकॉर्ड मतों से जीत दर्ज कर विधानसभा में वापसी की।
9 जुलाई को तोड़ेंगे N.D. तिवारी का रिकॉर्ड
मुख्यमंत्री के रूप में धामी का पांच साल का कार्यकाल पूरा हो चुका है। अब 9 जुलाई को वह उत्तराखंड के सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहने का रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लेंगे। फिलहाल यह रिकॉर्ड पूर्व मुख्यमंत्री नारायण दत्त तिवारी के नाम है, जिन्होंने 2002 से 2007 तक लगातार पांच वर्ष और पांच दिन तक मुख्यमंत्री पद संभाला था।
CM पुष्कर सिंह धामी के राजनीतिक सफर में कई रिकॉर्ड दर्ज हैं। वर्ष 2012 में पहली बार विधायक बनने के बाद उन्होंने 2021 में मात्र 45 वर्ष की आयु में उत्तराखंड के सबसे युवा मुख्यमंत्री बनने का गौरव हासिल किया। इससे पहले यह रिकॉर्ड पूर्व मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ के नाम था।
कई नेताओं ने दी बधाई
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक और सौरभ बहुगुणा सहित कई विधायकों ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर उन्हें बधाई दी। विधायक विनोद चमोली, सरिता आर्या, शक्ति लाल शाह, सहदेव पुंडीर और सुरेश गढ़िया ने भी धामी को पांच वर्ष का कार्यकाल पूरा करने पर शुभकामनाएं दीं।
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