Mega Mock Drill in Uttarakhand: मानसून के दौरान संभावित आपदाओं से निपटने की तैयारियों को देखने के लिए उत्तराखंड में बुधवार को राज्यव्यापी मेगा मॉक ड्रिल आयोजित की जाएगी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (USDMA) प्रदेश के सभी 13 जिलों में 66 स्थानों पर यह अभ्यास करेगा। इसका उद्देश्य आपदा की स्थिति में राहत एवं बचाव कार्यों के दौरान अलग-अलग विभागों के बीच बेहतर तालमेल बनाना और तैयारियों को जमीनी स्तर पर देखना है।
तैयारियों की होगी व्यापक समीक्षा
आपदा प्रबंधन सचिव विनोद कुमार सुमन के अनुसार इस अभ्यास के लिए नए स्थानों को चुना गया है, ताकि ज्यादा से ज्यादा क्षेत्रों में तैयारियों की वास्तविक स्थिति का पता किया जा सके। जिन स्थानों पर पहले मॉक ड्रिल हो चुकी है, उन्हें इस बार शामिल नहीं किया गया है। मुख्य अभ्यास से पहले 30 जून को टेबल टॉप एक्सरसाइज के जरिए तैयारियों की समीक्षा भी की गई थी।
राहत शिविरों की व्यवस्थाओं पर रहेगा फोकस
मॉक ड्रिल के दौरान राहत शिविरों में बिजली, पानी, भोजन और चिकित्सा जैसी सुविधाओं की ‘रियल टाइम’ में जांच की जाएगी। इसके साथ ही गर्भवती महिलाओं और बच्चों के लिए उपलब्ध विशेष सुविधाओं को भी देखा जायेगा। सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस और होमगार्ड के जवान पूरे अभ्यास के दौरान तैनात रहेंगे।
स्थानीय समुदाय की होगी अहम भूमिका
इस अभ्यास में पूर्व सैनिकों, आपदा मित्रों, एनजीओ, एनसीसी और रेड क्रॉस जैसे स्वयंसेवी संगठनों की भी भागीदारी रहेगी। सचिव विनोद कुमार सुमन ने कहा कि किसी भी आपदा के समय स्थानीय समुदाय ही ‘फर्स्ट रिस्पोंडर’ होता है, इसलिए उनकी एक्टिव भागीदारी आपदा प्रबंधन व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाएगी।
बड़े स्तर पर होगा अभ्यास
मेगा मॉक ड्रिल के दौरान भूस्खलन, जलभराव, हेली रेस्क्यू और राहत सामग्री बांटने सहित कई आपदा परिदृश्यों का अभ्यास किया जाएगा। इसके माध्यम से संबंधित विभागों की प्रतिक्रिया क्षमता, आपसी तालमेल और राहत कार्यों की प्रभावशीलता का वास्तविक परिस्थितियों के परीक्षण किया जाएगा।
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