चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने ताइवान को लेकर एक बार फिर अपना सख्त रुख स्पष्ट किया है। चीन की कम्युनिस्ट पार्टी (CPC) के 105वें स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि ताइवान का चीन के साथ दोबारा एकीकरण पार्टी का ऐतिहासिक लक्ष्य है और इसे हर हाल में पूरा किया जाएगा। शी जिनपिंग ने कहा कि राष्ट्रीय एकीकरण चीन की कम्युनिस्ट पार्टी की स्थायी प्रतिबद्धता है और इस दिशा में कोशिश लगातार जारी रहेंगे।
अलगाववादी ताकतों और बाहरी दखल पर दी चेतावनी
अपने संबोधन में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने ताइवान की स्वतंत्रता का समर्थन करने वाले समूहों पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि चीन अलगाववादी गतिविधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेगा और ताइवान से जुड़े मामलों में किसी भी बाहरी हस्तक्षेप को स्वीकार नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि बदलते वैश्विक हालात के बीच ताइवान मुद्दे को लेकर पार्टी की रणनीति को पूरी मजबूती के साथ लागू किया जाएगा।
राष्ट्रीय संप्रभुता की रक्षा को बताया सर्वोच्च प्राथमिकता
शी जिनपिंग ने कहा कि चीन अपनी संप्रभुता, राष्ट्रीय सुरक्षा और विकास संबंधी हितों की रक्षा के लिए हर जरूरी कदम उठाएगा। उनके अनुसार, राष्ट्रीय एकीकरण का लक्ष्य देश की नीति का महत्वपूर्ण हिस्सा है और इसे आगे बढ़ाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है।
‘मजबूत राष्ट्र के लिए मजबूत सेना जरूरी’
अपने भाषण में शी जिनपिंग ने सैन्य क्षमता बढ़ाने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि किसी भी शक्तिशाली राष्ट्र के लिए मजबूत और आधुनिक सेना जरूरी होती है, क्योंकि वही देश की सुरक्षा और स्थिरता सुनिश्चित करती है। उनका यह बयान ऐसे समय आया है, जब ताइवान जलडमरूमध्य में चीन की सैन्य गतिविधियों को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है।
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