दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर भीषण हादसा : राजस्थान के दौसा जिले में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर बुधवार की सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। हरिद्वार से इंदौर जा रही एक प्राइवेट स्लीपर बस आगे चल रहे ट्रक से टकरा गई। टक्कर इतनी तेज थी कि बस और ट्रक दोनों में आग लग गई। हादसे में अब तक सात यात्रियों की मौत हो चुकी है, जबकि 22 अन्य घायल बताए जा रहे हैं। प्रशासन ने घायलों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया है और राहत-बचाव कार्य पूरा कर लिया गया है।
7 की मौत, 22 घायल
पुलिस के अनुसार हादसा दौसा जिले के कोलवा थाना क्षेत्र स्थित तनावड़ जीरो प्वाइंट के पास रात करीब 2:30 बजे हुआ। बस में करीब 37 यात्री सवार थे। टक्कर के बाद आग इतनी तेजी से फैली कि कई यात्रियों को बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिला। पांच यात्रियों की मौत आग में झुलसने से हुई, जबकि दो अन्य ने गंभीर सिर की चोटों के कारण दम तोड़ दिया।
आग से बचाव कार्य जारी
स्थानीय लोगों ने बताया की बस करीब एक घंटे तक जलती रही। स्थानीय लोगों ने अपनी जान जोखिम में डालकर यात्रियों को बाहर निकालने की कोशिश की। सूचना मिलते ही पुलिस, दमकल विभाग और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे तथा आग पर काबू पाने के बाद राहत एवं बचाव अभियान चलाया। सभी घायलों को दौसा जिला अस्पताल भेजा गया।
हादसे की जांच शुरू
दौसा के पुलिस अधीक्षक पीयूष दीक्षित ने बताया कि मृतकों और घायलों की पहचान की जा रही है। अब तक केवल कुछ घायलों की पहचान हो सकी है, जबकि अन्य यात्रियों के परिजनों से संपर्क करने का प्रयास जारी है। प्रशासन ने घटना की विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं।
इस बीच स्थानीय लोगों ने दावा किया है कि बस के स्टोरेज बॉक्स में बड़ी मात्रा में सिगरेट के पैकेट रखे हुए थे, जिसके कारण आग तेजी से फैल गई। जबकि पुलिस ने इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है और स्पष्ट किया है कि हादसे के कारणों की हर पहलू से जांच की जा रही है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही आग लगने की वास्तविक वजह सामने आएगी। यह हादसा एक बार फिर लंबी दूरी की बसों की सुरक्षा व्यवस्था और एक्सप्रेसवे पर सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर रहे है। बसों में अग्नि सुरक्षा उपकरण, नियमित फिटनेस जांच और आपातकालीन निकासी व्यवस्था को और मजबूत करने की आवश्यकता है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

