राजस्थान के कोटा में हिंदू महिलाओं को धर्म परिवर्तन के लिए निशाना बनाने वाले एक बड़े ‘लव जिहाद’ गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। यह मामला तब सामने आया जब हिंदू अधिकार समूह बजरंग दल ने मोइन खान नाम के एक मुस्लिम व्यक्ति के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। उस व्यक्ति के पास 40,000 से ज़्यादा अश्लील वीडियो मिले, जिनमें हिंदू लड़कियों को धार्मिक प्रतीकों के साथ दिखाया गया था। आरोपी “सनातनियों की नीलामी” जैसे टेलीग्राम, व्हाट्सएप, स्नैपचैट और डिस्कॉर्ड ग्रुप्स का हिस्सा था, जो ‘लव जिहाद’ और ‘रेप जिहाद’ के ज़रिए हिंदू महिलाओं को इस्लाम में बदलने के लिए निशाना बनाते थे। बाद में मोइन खान को गिरफ्तार कर लिया गया।
40,000 से ज़्यादा अश्लील वीडियो
इस मामले पर उद्योग नगर पुलिस स्टेशन के CI मंगललाल ने बताया कि बजरंग दल के एक कार्यकर्ता ने 15 जून 2026 को शिकायत दर्ज कराई थी। भारतीय न्याय संहिता की धाराओं 196(1)(A), 196(1)(B), 299 और 352 के साथ-साथ सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (IT Act) की धाराओं 66, 67 और 67A के तहत मामला दर्ज किया गया है। बजरंग दल ने कहा कि मोइन खान जन्म से हिंदू था और उसका नाम मनीष शर्मा था।
बजरंग दल के कार्यकर्ता योगेश रेनवाल ने कहा, “मोइन जन्म से हिंदू था। उसने 10वीं कक्षा तक पढ़ाई की थी। वह किसी की दुकान पर काम करता था। उसने 2021 में शादी की थी और उसका 4 साल का बच्चा है। वह कई महीनों से संदिग्ध गतिविधियों में शामिल था। बजरंग दल की हेल्पलाइन नंबर पर उसके खिलाफ शिकायत मिली थी।”
बजरंग दल के कार्यकर्ता ने आगे कहा कि हिंदू नाबालिग लड़कियों और महिलाओं का धर्म परिवर्तन कराने के लिए सोशल मीडिया पर कई ग्रुप बनाए गए हैं। युवा हिंदू पुरुष भी टेलीग्राम, स्नैपचैट और डिस्कॉर्ड चैनलों के ज़रिए ऐसे ग्रुप्स से जुड़े हैं, जो “जिहाद-अल-अकबर” के खास मकसद को पूरा करने के लिए काम कर रहे हैं।
इस्लाम अपनाने के लिए किया मजबूर
इस ‘जिहाद-अल-अकबर’ एजेंडे के तहत, एक मुस्लिम व्यक्ति किसी हिंदू लड़की या महिला को प्यार के जाल में फंसाता है और शादी से पहले उसे गर्भवती कर देता है। बच्चे के जन्म के बाद, महिला को इस्लाम अपनाने के लिए मजबूर किया जाता है।
हिंदू-विरोधी मुस्लिम पुरुषों के काम करने के तरीके के बारे में बताते हुए रेनवाल ने कहा कि पहले हिंदुओं का इस्लाम में धर्म परिवर्तन कराया जाता है और फिर उनका इस्तेमाल नाबालिग हिंदू लड़कियों और महिलाओं को फंसाने के लिए किया जाता है। उनके दिमाग में हिंदू-विरोधी नफरत भरी जाती है। इसके बाद, धार्मिक प्रतीकों के साथ युवा महिलाओं के अश्लील वीडियो बनाए जाते हैं। फिर इन वीडियो को दूसरे चैनलों पर भेजा जाता है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान से कई सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर ‘रेप फैंटेसी’ वाले चैनल भी चलाए जा रहे हैं।
ग्रुप ने कम उम्र की लड़कियों को निशाना बनाने, अपराधबोध कम करने के लिए देवी-देवताओं के नाम पर फैंटेसी बनाने और ब्लैकमेल करने के लिए वीडियो रिकॉर्ड करने पर भी चर्चा की।
बजरंग दल के शिकायतकर्ता योगेश रेनवाल के अनुसार, आरोपी कई सालों से टेलीग्राम, स्नैपचैट और डिस्कॉर्ड जैसे प्लेटफॉर्म पर पाकिस्तान से जुड़े संगठनों के संपर्क में था। शिकायत में कहा गया है कि मनीष शर्मा ने मोइन खान नाम से इस्लाम अपना लिया था और अपने पाकिस्तानी संपर्कों के ज़रिए हिंदू लड़कियों और महिलाओं को निशाना बनाने की बड़ी साजिश रच रहा था।
आरोपी के फोन से मिली ऑडियो रिकॉर्डिंग में ऐसी बातचीत का पता चला है जिसमें शादीशुदा हिंदू महिलाओं के साथ यौन उत्पीड़न के वीडियो बनाने और हिंदू देवी-देवताओं का अपमान करने की बात है, इन वीडियो में महिलाओं का मंगलसूत्र और सिंदूर साफ दिखाई देता है।
पाकिस्तान में बैठे व्यक्ति के से संपर्क
शिकायत में कहा गया है कि मोइन खान ने कम उम्र की लड़कियों और महिलाओं को बहला-फुसलाकर धर्म परिवर्तन के लिए मजबूर किया और अश्लील सामग्री बनाई और जमा की, जिसे वह बाद में शेयर करने वाला था। यह सब पाकिस्तान में बैठे एक व्यक्ति के कहने पर किया गया, जिसकी पुष्टि ऑडियो में सुनी जा सकती है।
इस अभियान का मुख्य मकसद जिहादी प्रोपेगैंडा के ज़रिए धार्मिक प्रतीकों का अपमान करना और दुनिया भर में हिंदू धर्म को नीचा दिखाना और हिंदुओं के बीच नफरत फैलाना है। इसके ज़रिए बड़े पैमाने पर हिंदू महिलाओं को अपमानित किया जा सकता है और उनका धर्म परिवर्तन कराया जा सकता है। इस बीच, पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि मनीष शर्मा ने इस्लाम कब अपनाया, और पाकिस्तान वाले एंगल की भी जांच की जा रही है।
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