Delhi Monsoon CM Rekha Gupta Flood Control Order: आगामी मानसून और संभावित बाढ़ के खतरे को देखते हुए दिल्ली सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं। बुधवार को दिल्ली सचिवालय में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय एपेक्स कमेटी की बैठक आयोजित की गई। बैठक में राजधानी में बाढ़ प्रबंधन और मानसून संबंधी तैयारियों की समीक्षा की गई। इस दौरान मुख्यमंत्री ने ‘फ्लड कंट्रोल ऑर्डर-2026’ जारी करते हुए साफ किया कि मानसून के दौरान किसी भी तरह की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
जलभराव पर नोडल अधिकारी होंगे जवाबदेह
बैठक में जलभराव की समस्या को लेकर बड़ा फैसला लिया गया। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि दिल्ली के प्रत्येक चिन्हित ‘वाटर लॉगिंग पॉइंट’ के लिए एक नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाए। यदि किसी इलाके में जलभराव की स्थिति बनती है तो संबंधित अधिकारी की सीधी जवाबदेही तय की जाएगी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को केवल आपात स्थिति में प्रतिक्रिया देने के बजाय संभावित जोखिमों की पहले से पहचान कर समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
यमुना के लिए त्रि-स्तरीय अलर्ट व्यवस्था
दिल्ली को बाढ़ से सुरक्षित रखने के लिए सरकार ने त्रि-स्तरीय अलर्ट प्लान तैयार किया है। 15 जून से केंद्रीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष 24 घंटे एक्टिव कर दिया गया है। इसके अलावा कैबिनेट मंत्रियों के नेतृत्व में विशेष सेक्टर कमेटियों का गठन किया गया है, जो जिला मजिस्ट्रेटों के साथ मिलकर यमुना के जलस्तर और बाढ़ की संभावित स्थिति पर लगातार निगरानी रखेंगी।
मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में आयोजित एपेक्स कमेटी की बैठक में आगामी मानसून के मद्देनज़र बाढ़ नियंत्रण एवं जलभराव रोकथाम की तैयारियों की समीक्षा की गई। इस दौरान सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग द्वारा फ्लड कंट्रोल ऑर्डर–2026 जारी किया गया।
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— CMO Delhi (@CMODelhi) June 17, 2026
नालों की सफाई में लक्ष्य से आगे निकला विभाग
सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग ने इस बार नालों की डी-सिल्टिंग का निर्धारित लक्ष्य समय से पहले पूरा कर लिया है। विभाग के अनुसार अब तक 77 प्रमुख नालों से 30 लाख मीट्रिक टन से अधिक गाद निकाली जा चुकी है। सरकार का मानना है कि इससे मानसून के दौरान जल निकासी व्यवस्था को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।
आधुनिक तकनीक से होगी निगरानी
इस वर्ष दिल्ली सरकार ने बाढ़ प्रबंधन को अधिक प्रभावी बनाने के लिए आधुनिक डिजिटल सिस्टम लागू किया है। इसके माध्यम से हथिनीकुंड बैराज से छोड़े जाने वाले पानी और यमुना नदी के जलस्तर की रियल-टाइम जानकारी उपलब्ध होगी। इसके साथ ही शहर में पंपों की संख्या बढ़ाकर 243 से अधिक कर दी गई है, जबकि आपातकालीन राहत और बचाव कार्यों के लिए 41 नावें भी तैनात की गई हैं।
संवेदनशील इलाकों पर विशेष फोकस
बैठक में बुराड़ी, किराड़ी, मुंडका और रोहतक रोड जैसे संवेदनशील क्षेत्रों की स्थिति पर विशेष चर्चा की गई। जनप्रतिनिधियों द्वारा उठाए गए मुद्दों के बाद मुख्यमंत्री ने इन इलाकों में अतिरिक्त पंपिंग व्यवस्था और निरंतर निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। वहीं नगर निगम ने चार फीट से अधिक गहरे 793 नालों की सफाई का काम भी तेज कर दिया है।
विभागों के तालमेल पर जताया भरोसा
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने विश्वास जताया कि विभिन्न विभागों के बीच बेहतर तालमेल, समय पर तैयारियां और आधुनिक तकनीक की मदद से दिल्ली इस बार मानसून और बाढ़ की चुनौतियों का प्रभावी ढंग से सामना कर सकेगी। बैठक में सांसद मनोज तिवारी, रामवीर सिंह बिधूड़ी, योगेन्द्र चंदोलिया समेत कई वरिष्ठ मंत्री और अधिकारी मौजूद रहे।
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