Israel-Iran War: पश्चिम एशिया में तनाव एक बार फिर खतरनाक लेवल पर पहुंच गया है। अमेरिका और ईरान के बीच जारी कूटनीतिक बातचीत के बीच इजरायल ने ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर हमला कर दिया। यह कार्रवाई ऐसे समय हुई जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से फोन पर बात कर जवाबी सैन्य कार्रवाई से बचने की अपील की थी।
ईरानी मिसाइल हमलों के बाद बढ़ी टकराव की आग
हमलों की शुरुआत तब हुई जब लेबनान में इजरायली कार्रवाई के जवाब में ईरान ने इजरायल के कई शहरों पर मिसाइलें दागीं। इसके बाद इजरायल ने भी कड़ा एक्शन लेते हुए ईरान के सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। दोनों देशों के बीच बढ़ते सैन्य टकराव ने पूरे क्षेत्र में अस्थिरता की आशंका बढ़ा दी है।
देशभर के स्कूल बंद
सुरक्षा हालात को देखते हुए इजरायल ने देशभर के स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिया है। इसे संभावित लंबे सैन्य अभियान का संकेत माना जा रहा है। सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं और नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
ट्रंप ने फोन कर रोकने का किया था प्रयास
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नेतन्याहू से फोन पर बातचीत में कहा था कि ईरानी हमलों में किसी बड़े नुकसान की सूचना नहीं है, इसलिए जवाबी कार्रवाई से बचा जाना चाहिए। ट्रंप ने उम्मीद जताई थी कि इजरायल सैन्य प्रतिक्रिया नहीं देगा और क्षेत्र में तनाव को और बढ़ने से रोका जा सकेगा।
समझौते की उम्मीद पर पड़ सकता है असर
ट्रंप ने यह भी कहा था कि अमेरिका और ईरान के बीच संभावित समझौता अंतिम चरण में पहुंच चुका है। उनके अनुसार, कुछ ही दिनों में समझौते पर हस्ताक्षर होने की उम्मीद थी। उन्होंने चिंता जताई थी कि नए सैन्य हमले इस प्रक्रिया को प्रभावित कर सकते हैं और वार्ता पटरी से उतर सकती है।
लेबनान पर हमले को लेकर भी जताई थी नाराजगी
इससे पहले ट्रंप ने लेबनान में इजरायल की सैन्य कार्रवाई पर भी असंतोष व्यक्त किया था। उन्होंने कहा था कि लगातार जवाबी हमलों से संघर्ष का सिलसिला लंबा खिंच सकता है। साथ ही उन्होंने ईरान से भी संयम बरतने और बातचीत करने की अपील की थी।
अलर्ट पर अमेरिकी सेना
तनावपूर्ण हालात के बीच ट्रंप ने कहा था कि अमेरिकी सेना पूरी तरह सतर्क है। हालांकि उन्होंने भरोसा जताया था कि तमाम चुनौतियों के बावजूद ईरान के साथ समझौते की संभावना अभी भी बनी हुई है।
इजरायल ने हमले का दावा किया
इजरायली सेना ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर ईरान के सैन्य ठिकानों पर हमले की जानकारी दी। वहीं ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी आईआरएनए ने बताया कि राजधानी तेहरान, इस्फहान और तब्रीज में धमाकों की आवाजें सुनी गईं।
ईरानी मंत्रालय ने नुकसान से किया इनकार
हालांकि ईरान के शहरी मंत्रालय ने दावा किया कि किसी भी शहरी क्षेत्र को निशाना नहीं बनाया गया है। मंत्रालय के अनुसार, देश के किसी शहर से आग लगने या बड़े नुकसान की कोई सूचना नहीं मिली है। इसके बावजूद दोनों देशों के दावों और जवाबी दावों के बीच क्षेत्रीय तनाव लगातार बढ़ता दिखाई दे रहा है।
पश्चिम एशिया पर मंडरा रहा बड़ा खतरा
इजरायल और ईरान के बीच ताजा सैन्य टकराव ने पूरे पश्चिम एशिया में नए संकट की आशंका पैदा कर दी है। एक ओर अमेरिका कूटनीतिक समाधान की कोशिशों में जुटा है, वहीं दूसरी ओर लगातार हो रही सैन्य कार्रवाइयां क्षेत्र को बड़े संघर्ष की ओर धकेलती नजर आ रही हैं।
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