उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ(CM Yogi) शनिवार को बलरामपुर जिले के प्रसिद्ध मां पाटेश्वरी देवी मंदिर पहुंचे जहां उन्होंने विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि और जनकल्याण की कामना की। मुख्यमंत्री के मंदिर पहुंचने पर श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों में उत्साह का माहौल देखने को मिला। इससे पहले भी अपने दौरे के दौरान उन्होंने क्षेत्र में आयोजित एक जनसभा को संबोधित किया था और विभिन्न विकास योजनाओं को लेकर जनता से संवाद किया था।
CM योगी के इस धार्मिक दौरे को आस्था और जनसंपर्क दोनों दृष्टिकोणों से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मंदिर परिसर में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे और प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर मौजूद रहे।
प्रमुख शक्तिपीठों में शामिल है देवीपाटन धाम
बलरामपुर जिले में स्थित मां पाटेश्वरी देवी मंदिर, जिसे देवीपाटन धाम के नाम से भी जाना जाता है प्रदेश के सबसे प्रतिष्ठित धार्मिक स्थलों में गिना जाता है। यह मंदिर हिंदू श्रद्धालुओं के लिए गहरी आस्था का केंद्र है और इसकी पहचान देश के प्रमुख शक्तिपीठों में होती है।
धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक, यह उन 51 शक्तिपीठों में शामिल है जहां माता सती के अंग पृथ्वी पर गिरे थे। कहा जाता है कि इस स्थान पर माता सती का बायां कंधा गिरा था जिसके कारण यह स्थल विशेष धार्मिक महत्व रखता है। इसी वजह से यहां वर्षभर श्रद्धालुओं का आना-जाना लगा रहता है।
पौराणिक कथाओं से जुड़ा है मंदिर का इतिहास
मंदिर के इतिहास को लेकर कई पौराणिक कथाएं प्रचलित हैं। मान्यता है कि महाभारत काल में पांडवों ने इस पवित्र स्थल पर मंदिर की स्थापना की थी। समय के साथ यह स्थान न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र बना बल्कि सांस्कृतिक विरासत का भी महत्वपूर्ण प्रतीक बन गया।
मंदिर की वास्तुकला यहां की पारंपरिक पूजा-पद्धति और धार्मिक आयोजन इसकी विशेष पहचान हैं। दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालु यहां पहुंचकर देवी मां के दर्शन करते हैं और अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति की प्रार्थना करते हैं।
नवरात्रि में उमड़ता है श्रद्धालुओं का सैलाब
देवीपाटन धाम में वर्षभर श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रहती है लेकिन नवरात्रि के दौरान यहां का दृश्य विशेष रूप से भव्य हो जाता है। इन दिनों लाखों भक्त माता के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। मंदिर परिसर में धार्मिक अनुष्ठान, भजन-कीर्तन और विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, जिससे पूरा क्षेत्र भक्तिमय वातावरण में डूब जाता है।
श्रद्धालुओं का मानना है कि मां पाटेश्वरी के दरबार में सच्चे मन से मांगी गई मनोकामना अवश्य पूरी होती है। यही विश्वास हर वर्ष बड़ी संख्या में भक्तों को यहां खींच लाता है।