दिल्ली, नोएडा(Noida) और फरीदाबाद के बीच रोजाना सफर करने वाले लाखों लोगों के लिए बड़ी राहत की खबर है। लंबे समय से ट्रैफिक जाम की समस्या से जूझ रहे कालिंदी कुंज इलाके में जल्द ही यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए एक नया फ्लाईओवर प्रोजेक्ट शुरू किया जा सकता है। इस परियोजना का उद्देश्य इस व्यस्त चौराहे पर वाहनों की आवाजाही को सुगम बनाना और यात्रा के समय को कम करना है।
कालिंदी कुंज दिल्ली, नोएडा और फरीदाबाद को जोड़ने वाला एक महत्वपूर्ण मार्ग है। रोजाना हजारों निजी वाहन, बसें और मालवाहक गाड़ियां इस रास्ते का इस्तेमाल करती हैं। इसके अलावा दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से जुड़ाव होने के कारण यहां ट्रैफिक का दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है। सुबह और शाम के व्यस्त समय में लोगों को कई बार लंबी दूरी तय करने में एक घंटे से अधिक का समय लग जाता है।
क्या है नया फ्लाईओवर प्लान?
यातायात की समस्या को कम करने के लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने यहां दो विशेष लूप फ्लाईओवर बनाने की योजना तैयार की है। इन लूप्स का डिजाइन ऐसा होगा कि वाहनों को बार-बार ट्रैफिक सिग्नल पर रुकना न पड़े और वे सीधे अपने गंतव्य की ओर बढ़ सकें।
पहला लूप : इस लूप के जरिए नोएडा की तरफ से आने वाले वाहन सीधे फरीदाबाद और दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे की दिशा में जा सकेंगे। इससे उन्हें चौराहे पर रुकने या लंबी कतारों में फंसने की जरूरत नहीं होगी।
दूसरा लूप : फरीदाबाद और एक्सप्रेसवे की ओर से आने वाला ट्रैफिक बिना किसी बाधा के सीधे ओखला बैराज रोड के माध्यम से नोएडा की तरफ बढ़ सकेगा। इससे दोनों दिशाओं के वाहनों का आवागमन अधिक व्यवस्थित हो जाएगा।
परियोजना पर कितना होगा खर्च?
इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर लगभग 350 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। परियोजना की विस्तृत रिपोर्ट (DPR) तैयार की जा चुकी है और संबंधित विभागों के साथ तकनीकी पहलुओं पर चर्चा जारी है। आवश्यक मंजूरियों और प्रक्रियाओं के बाद निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा।
यात्रियों को क्या मिलेगा फायदा?
इस योजना के पूरा होने के बाद कालिंदी कुंज क्षेत्र में ट्रैफिक दबाव काफी हद तक कम होने की उम्मीद है। वर्तमान में जहां लोगों को जाम के कारण 60 से 90 मिनट तक का अतिरिक्त समय लग जाता है वहीं भविष्य में यही सफर कुछ ही मिनटों में पूरा किया जा सकेगा।
इसके अलावा:
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रोजाना यात्रा करने वाले लोगों का 40 से 45 मिनट तक समय बच सकता है।
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दिल्ली, नोएडा और फरीदाबाद के बीच आवागमन अधिक आसान होगा।
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ईंधन की खपत में कमी आएगी और प्रदूषण भी घटेगा।
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लगभग 6 लाख वाहनों को प्रत्यक्ष रूप से लाभ मिलने की संभावना है।
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दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से बढ़ते ट्रैफिक को संभालने में मदद मिलेगी।

