दिल्ली में हाल ही में हुए एक होटल अग्निकांड ने प्रशासनिक व्यवस्था और सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस दर्दनाक घटना के बाद दिल्ली सरकार और स्थानीय प्रशासन अब पूरी तरह सक्रिय नजर आ रहा है। खासकर दक्षिणी दिल्ली के मालवीय नगर(Malviya Nagar) और आसपास के क्षेत्रों में अवैध निर्माण और फायर सेफ्टी नियमों की अनदेखी करने वाली इमारतों के खिलाफ बड़े पैमाने पर कार्रवाई शुरू कर दी गई है। मालवीय नगर के हौज रानी इलाके में प्रशासनिक जांच के दौरान कुल 32 इमारतों को संदिग्ध और नियमों के उल्लंघन में पाया गया है।
इनमें कई ऐसी इमारतें शामिल हैं जहां या तो जरूरी अनुमति नहीं ली गई थी या फिर सुरक्षा मानकों की पूरी तरह अनदेखी की गई थी। विशेष बात यह है कि इनमें से लगभग 12 इमारतें ब्रेड एंड ब्रेकफास्ट (B&B) के रूप में संचालित हो रही थीं जहां नियमों के अनुसार जरूरी लाइसेंस और फायर सेफ्टी व्यवस्था का पालन नहीं किया गया था। इन सभी भवनों को नोटिस जारी कर दिया गया है और उन्हें सुधार या जवाब देने के लिए सीमित समय दिया गया है। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि तय समयसीमा के भीतर अनुपालन न करने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
दिया तीन दिन का अल्टीमेटम
अधिकारियों ने इन अवैध या नियमविरुद्ध इमारतों को सुधार के लिए केवल तीन दिन का समय दिया है। इस अल्प अवधि में भवन मालिकों को अपने दस्तावेज, सुरक्षा प्रमाणपत्र और निर्माण से संबंधित सभी जरूरी कागजात प्रस्तुत करने होंगे। प्रशासन का रुख स्पष्ट है कि किसी भी तरह की लापरवाही या नियमों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उच्चस्तरीय बैठक की तैयारी
सूत्रों के अनुसार, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता नगर निगम, दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA), पुलिस और अन्य संबंधित विभागों के साथ एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक करने वाली हैं। इस बैठक में शहर में चल रहे होटल, रेस्टोरेंट, गेस्ट हाउस और अन्य व्यावसायिक इमारतों की सुरक्षा स्थिति पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।
बैठक में अधिकारियों से यह भी कहा गया है कि वे सभी संदिग्ध इमारतों की विस्तृत रिपोर्ट, लाइसेंस स्थिति और फायर सेफ्टी ऑडिट से जुड़े दस्तावेज साथ लेकर आएं।
होटल और रेस्टोरेंट पर बढ़ी निगरानी
प्रशासन अब केवल मालवीय नगर तक सीमित नहीं है बल्कि पूरे दिल्ली में निगरानी बढ़ाई जा रही है। आने वाले दिनों में होटल, रेस्टोरेंट, बैंक्वेट हॉल, B&B प्रतिष्ठान, और यहां तक कि कुछ अस्पताल व नर्सिंग होम पर भी सख्त निरीक्षण अभियान चल सकता है। कई जगहों पर सीलिंग और तोड़फोड़ जैसी कार्रवाई की संभावना भी जताई जा रही है।
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