Punjab Civil Secretariat Bomb Threat: पंजाब सिविल सचिवालय को बम से उड़ाने की धमकी देने के मामले में चंडीगढ़ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पश्चिम बंगाल में रहने एक युवक को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान सौरव बिस्वास के रूप में हुई है। पुलिस ने उसे वीरवार रात गिरफ्तार किया और बाद में स्थानीय अदालत में पेश किया, जहां से उसे एक दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया।
धमकी भरे ईमेल से खुला मामला
पुलिस के अनुसार, पंजाब सिविल सचिवालय की आधिकारिक ईमेल आईडी पर बम धमाके की धमकी वाला ईमेल भेजा गया था। ईमेल मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियां और पुलिस अलर्ट हो गईं। मामले की गंभीरता को देखते हुए सेक्टर-3 थाना में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।
पश्चिम बंगाल तक पहुंची जांच
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि यह ईमेल पश्चिम बंगाल के नॉर्थ 24 परगना जिले के पल्ली बाजार, गोबिंद पल्ली निवासी सौरव बिस्वास ने भेजा था। तकनीकी जांच, ईमेल ट्रैकिंग और डिजिटल साक्ष्यों की मदद से पुलिस आरोपी तक पहुंची और उसे गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस रिमांड में पूछताछ
गिरफ्तारी के बाद आरोपी को अदालत में पेश किया गया। जांच को आगे बढ़ाने के लिए पुलिस ने रिमांड की मांग की, जिसे अदालत ने मंजूर कर लिया। अब पुलिस रिमांड के दौरान आरोपी से यह जानने का प्रयास कर रही है कि उसने धमकी भरा ईमेल किस उद्देश्य से भेजा था।
मकसद और नेटवर्क की जांच
जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि आरोपी ने यह काम अकेले किया या उसके पीछे किसी अन्य व्यक्ति या समूह की भूमिका है। पुलिस यह भी खंगाल रही है कि धमकी वाला ईमेल किस डिवाइस और इंटरनेट कनेक्शन के जरिए भेजा गया था। साथ ही किसी संगठित नेटवर्क या सहयोगियों के शामिल होने की भूमिका को भी जांच के दायरे में रखा गया है।
डिजिटल उपकरणों की हो रही जांच
रिमांड अवधि के दौरान पुलिस आरोपी के मोबाइल फोन, लैपटॉप और अन्य डिजिटल उपकरणों की फोरेंसिक जांच कर रही है। अधिकारियों को उम्मीद है कि इन उपकरणों से मामले से जुड़े अहम सुराग मिल सकते हैं।
पहले भी मिल चुकी हैं धमकियां
चंडीगढ़ में सरकारी और निजी स्कूलों, पासपोर्ट कार्यालय, पंजाब सचिवालय, चंडीगढ़ जिला अदालत, सेक्टर-17 बस स्टैंड, चंडीगढ़ नगर निगम तथा पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट को पहले भी कई बार बम से उड़ाने की धमकियां मिल चुकी हैं। हालांकि, हर बार पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों की जांच में किसी भी स्थान से कोई संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक सामग्री बरामद नहीं हुई। अब तक अधिकांश मामलों में धमकियां फर्जी या अफवाह साबित हुई हैं।
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