मेरठ के कंकरखेड़ा थाना क्षेत्र में लापता महिला कबड्डी खिलाड़ी अनुष्का उर्फ रिया की हत्या(Meerut Murder) का सनसनीखेज मामला सामने आया है। 16 अप्रैल से गायब चल रही खिलाड़ी का शव हाल ही में रोहटा बाईपास के पास एक नाले से बरामद किया गया जिसके बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। लंबे समय से तलाश कर रहे परिजनों को जब यह खबर मिली तो परिवार में कोहराम मच गया।
पुलिस जांच में सामने आया है कि मृतका अनुष्का और एक युवक श्याम धानक के बीच पैसों के लेन-देन को लेकर विवाद चल रहा था। बताया जा रहा है कि अनुष्का ने आरोपी को लगभग 3600 रुपये उधार दिए थे जिन्हें वापस मांगने को लेकर दोनों के बीच कई बार कहासुनी हुई थी। धीरे-धीरे यह विवाद बढ़ता गया और आपसी तनाव ने गंभीर रूप ले लिया जो बाद में एक दर्दनाक घटना में बदल गया।
अपहरण से लेकर हत्या तक की रचि साजिश
जांच के अनुसार, इसी विवाद के चलते आरोपी ने कथित तौर पर अनुष्का का अपहरण किया। इसके बाद उसने ईंट से हमला कर उसकी हत्या कर दी। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी ने शव को छिपाने की कोशिश की।
बताया गया है कि आरोपी ने शव को एक बोरे में भरकर रोहटा बाईपास स्थित नाले के पास फेंक दिया ताकि किसी को शक न हो और मामला छिपा रहे। घटना के बाद वह मौके से फरार हो गया था।
पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तकनीकी जांच और साक्ष्यों के आधार पर आरोपी श्याम धानक को गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया है जिसके बाद पूरे मामले का खुलासा हुआ।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी से पूछताछ के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है और अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
मृतका के पिता पिछले कई महीनों से अपनी बेटी की तलाश में लगातार पुलिस और प्रशासन के चक्कर लगा रहे थे। वे 16 अप्रैल से ही उम्मीद लगाए बैठे थे कि उनकी बेटी सुरक्षित मिल जाएगी। लेकिन जब शव मिलने की पुष्टि हुई तो परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।परिजनों ने बताया कि उन्होंने हर संभव जगह गुहार लगाई लेकिन अब हत्या की पुष्टि ने उनकी उम्मीदों को तोड़ दिया है।
पुलिस का कहना है कि आरोपी को न्यायालय में पेश किया जाएगा और आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। साथ ही मामले से जुड़े सभी तथ्यों की गहराई से जांच की जा रही है ताकि घटना के हर पहलू का खुलासा हो सके। यह घटना न केवल मेरठ बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए एक गंभीर और चिंताजनक मामला बन गई है जिसने एक बार फिर छोटे विवादों के हिंसक रूप लेने पर सवाल खड़े कर दिए हैं।