भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने एक ऐसे नेटवर्क का खुलासा किया है जो पाकिस्तान से संचालित होकर भारत में आतंकी और आपराधिक गतिविधियों को बढ़ावा देने की कोशिश कर रहा था। जांच में गैंगस्टर से आतंकी बने शहज़ाद भट्टी(Shahzad Bhatti) का नाम सामने आया है जिसे कथित तौर पर तहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान (TTH) नामक संगठन का प्रमुख संचालक बताया जा रहा है। एजेंसियों का दावा है कि यह संगठन सोशल मीडिया, फंडिंग और स्थानीय नेटवर्क के जरिए युवाओं को भड़काने और हिंसक गतिविधियों में शामिल करने की साजिश रच रहा था।
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और केंद्रीय एजेंसियों द्वारा हाल ही में की गई कार्रवाई के दौरान कई अहम जानकारियां सामने आईं। जांच की शुरुआत एक आरोपी सोहेल की गिरफ्तारी से हुई जिसका पहले से आपराधिक रिकॉर्ड बताया गया है। पूछताछ में उसने कथित तौर पर खुलासा किया कि उसे दिल्ली और फरीदाबाद की अलग-अलग जगहों पर “TTH” लिखने के निर्देश दिए गए थे। एजेंसियों के मुताबिक, इन गतिविधियों के जरिए संगठन का नाम फैलाने और डर का माहौल बनाने की कोशिश की जा रही थी। साथ ही, इसके लिए पाकिस्तान से आर्थिक मदद मिलने के संकेत भी जांच में सामने आए हैं।
भरतीय पुलिसकर्मियों को बनाया निशाना
सूत्रों के अनुसार, शहज़ाद भट्टी और उसके सहयोगियों का मकसद सिर्फ प्रचार तक सीमित नहीं था। जांच एजेंसियों का दावा है कि भारतीय पुलिसकर्मियों को निशाना बनाने की भी योजना बनाई गई थी। इसी सिलसिले में तीन युवकों को गिरफ्तार किया गया जो कथित तौर पर पाकिस्तान में बैठे हैंडलर्स के संपर्क में थे। उन्हें हथियारों के साथ वीडियो बनाने और पुलिसकर्मी पर हमला कर उसका वीडियो रिकॉर्ड करने के निर्देश दिए गए थे। इसके बदले उन्हें बड़ी रकम देने का वादा किया गया था।
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपियों ने उत्तर प्रदेश पुलिस के एक जवान की रेकी की थी। उन्होंने जवान का पीछा किया और पूरी गतिविधि का वीडियो भी बनाया। सूत्रों के मुताबिक, हमले की कोशिश के दौरान देसी हथियार ने काम नहीं किया जिससे बड़ी घटना टल गई। पुलिसकर्मी के सतर्क होने पर आरोपी वहां से भाग निकले लेकिन बाद में स्पेशल सेल ने तकनीकी निगरानी और जांच के आधार पर उन्हें पकड़ लिया।
उत्तराखंड से युवक गिरफ्तार
इस मामले में उत्तराखंड से भी एक युवक की गिरफ्तारी हुई है। उस पर आरोप है कि वह पाकिस्तान स्थित नेटवर्क के इशारे पर संवेदनशील सैन्य और सरकारी प्रतिष्ठानों की जानकारी जुटा रहा था। एजेंसियों का मानना है कि यह पूरा नेटवर्क सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए युवाओं को प्रभावित कर उन्हें कट्टरपंथ और हिंसक गतिविधियों की ओर धकेलने का प्रयास कर रहा था।
गहराई से जांच में जुटी सुरक्षा एजेंसियां
पंजाब में हाल ही में दो पुलिसकर्मियों की हत्या के मामले में भी TTH का नाम चर्चा में आया था। सोशल मीडिया पर वायरल कुछ वीडियो में संगठन ने हमले की जिम्मेदारी लेने का दावा किया था। जांच एजेंसियां अब इस पूरे नेटवर्क के फंडिंग सिस्टम, डिजिटल कनेक्शन और भारत में सक्रिय मॉड्यूल की गहराई से जांच कर रही हैं।
सुरक्षा अधिकारियों का कहना है कि सीमा पार से संचालित ऐसे नेटवर्क केवल कानून-व्यवस्था ही नहीं बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए भी गंभीर चुनौती बनते जा रहे हैं। फिलहाल एजेंसियां शहज़ाद भट्टी से जुड़े अन्य संदिग्धों और उनके संपर्कों की पहचान करने में जुटी हैं ताकि किसी भी संभावित साजिश को समय रहते रोका जा सके।