प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार को नई दिल्ली स्थित ‘सेवा तीर्थ’ में मंत्रिपरिषद की अहम बैठक(Council of Ministers) की अध्यक्षता करने जा रहे हैं। यह बैठक इस वर्ष की पहली बड़ी मंत्रिपरिषद बैठक मानी जा रही है जिसमें केंद्र सरकार के सभी प्रमुख मंत्री शामिल होंगे। राजनीतिक और प्रशासनिक दृष्टि से इस बैठक को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि इसमें सरकार के कामकाज की समीक्षा के साथ आने वाले समय की रणनीति पर भी चर्चा होने की संभावना है।
सूत्रों के मुताबिक, बैठक शाम करीब 4:30 बजे शुरू होगी और इसके कई घंटों तक चलने की उम्मीद है। इसमें केंद्रीय कैबिनेट मंत्री, स्वतंत्र प्रभार वाले राज्य मंत्री और अन्य राज्य मंत्री हिस्सा लेंगे। माना जा रहा है कि सरकार विभिन्न मंत्रालयों के प्रदर्शन, नीतियों के प्रभाव और भविष्य की प्राथमिकताओं पर विस्तृत मंथन करेगी।
प्रमुख योजनाओं का विस्तृत ब्यौरा तैयार
बताया जा रहा है कि सभी मंत्रालयों ने पिछले दो वर्षों में किए गए सुधारों, योजनाओं और उपलब्धियों से जुड़ी रिपोर्ट पहले ही कैबिनेट सचिवालय को सौंप दी है। साथ ही पिछले 12 वर्षों के दौरान केंद्र सरकार द्वारा लागू की गई प्रमुख योजनाओं और उनके परिणामों का भी विस्तृत ब्यौरा तैयार किया गया है। बैठक में इन्हीं रिपोर्टों की समीक्षा की जाएगी और आगे की कार्ययोजना तय की जाएगी।
सरकार का फोकस केवल प्रशासनिक सुधारों तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि आम लोगों के जीवन को आसान बनाने वाले कदमों पर भी चर्चा की जाएगी। माना जा रहा है कि प्रधानमंत्री मोदी मंत्रालयों को यह निर्देश दे सकते हैं कि सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक प्रभावी ढंग से पहुंचे और लोगों को किसी तरह की अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
अंतरराष्ट्रीय हालातों पर भी चर्चा की संभावना
बैठक में अंतरराष्ट्रीय हालातों पर भी चर्चा होने की संभावना है। विशेष रूप से मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और ईरान से जुड़े हालातों का भारत की अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले असर पर विचार किया जा सकता है। ऊर्जा कीमतों में उतार-चढ़ाव, व्यापारिक गतिविधियों और आपूर्ति श्रृंखला पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर भी सरकार गंभीर नजर आ रही है। सूत्रों की मानें तो ऊर्जा, कृषि, उर्वरक, विमानन, शिपिंग और लॉजिस्टिक्स जैसे क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि वैश्विक परिस्थितियों का असर देश के आम नागरिकों और उद्योगों पर न्यूनतम पड़े। इस बैठक को राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार जल्द ही अपने 12 वर्ष पूरे करने जा रही है। ऐसे में सरकार अब तक की उपलब्धियों, योजनाओं और सुधारों की समीक्षा कर रही है। साथ ही आने वाले वर्षों के लिए नई रणनीति और सुधारों का रोडमैप भी तैयार किया जा रहा है।
‘रिफॉर्म एक्सप्रेस’ के जरिए प्रशासनिक बदलाव
प्रधानमंत्री मोदी पहले ही यह संकेत दे चुके हैं कि आने वाले दशक में सरकार व्यापक सुधारों और तेज विकास की दिशा में काम करेगी। ‘रिफॉर्म एक्सप्रेस’ के जरिए प्रशासनिक बदलाव, आर्थिक मजबूती और नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने पर जोर रहेगा।