ऊर्जा संकट के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील का असर अब राज्यों में भी दिखाई देने लगा है। उनके द्वारा सरकारी संसाधनों के संयमित उपयोग और ऊर्जा बचत पर जोर दिए जाने के बाद उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी(CM Dhami) ने भी बड़ा कदम उठाया है। उन्होंने अपनी सरकारी फ्लीट में शामिल वाहनों की संख्या को 50 प्रतिशत तक घटाने के निर्देश जारी किए हैं।
CM धामी ने PM मोदी की इस पहल को देशहित से जुड़ा महत्वपूर्ण संकल्प बताते हुए कहा कि ऊर्जा संरक्षण आज समय की सबसे बड़ी जरूरत बन चुका है। उनका कहना है कि सीमित संसाधनों का समझदारी से उपयोग करना केवल सरकार की नहीं बल्कि हर नागरिक की जिम्मेदारी है।
PM की सोच का बताया उद्देश्य
उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री की सोच केवल ईंधन बचत तक सीमित नहीं है बल्कि इसका उद्देश्य आत्मनिर्भर, जिम्मेदार और पर्यावरण के प्रति संवेदनशील भारत का निर्माण करना है। ऐसे समय में जब देश ऊर्जा चुनौतियों का सामना कर रहा है तब जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को उदाहरण प्रस्तुत करना चाहिए।
CM धामी ने भी की अपील
CM धामी ने राज्य के मंत्रियों, अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से अपील की है कि वे अनावश्यक वाहनों के उपयोग से बचें और जहां संभव हो सार्वजनिक परिवहन को प्राथमिकता दें। उन्होंने ऊर्जा संरक्षण को जनभागीदारी से जोड़ने पर भी जोर दिया ताकि यह एक व्यापक जनआंदोलन का रूप ले सके।
धामी ने भरोसा दिलाया कि उत्तराखंड सरकार प्रधानमंत्री के इस संदेश को पूरी गंभीरता के साथ लागू करेगी। उन्होंने कहा कि इस पहल से न केवल ईंधन और संसाधनों की बचत होगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास के लक्ष्यों को हासिल करने में भी मदद मिलेगी।