संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने ईरान युद्ध के चलते लगाए गए सभी हवाई प्रतिबंधों को समाप्त कर दिया है। देश की जनरल सिविल एविएशन अथॉरिटी ने शनिवार को इसकी घोषणा करते हुए बताया कि अब यूएई का पूरा हवाई क्षेत्र सामान्य रूप से खुल गया है और उड़ान संचालन पहले की तरह शुरू हो चुका है। यह निर्णय सुरक्षा और परिचालन स्थिति की विस्तृत समीक्षा के बाद लिया गया है। साथ ही अथॉरिटी ने यह भी स्पष्ट किया है कि क्षेत्रीय हालात पर आगे भी लगातार नजर रखी जाएगी।
दुबई और अबूधाबी को फैसले से बड़ी राहत
इस फैसले को दुबई और अबूधाबी जैसे प्रमुख अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है। खासकर दुबई एयरपोर्ट, जो दुनिया के सबसे व्यस्त अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों में से एक है, पर इसका सीधा सकारात्मक असर देखने को मिलेगा।
युद्ध के दौरान मिडिल ईस्ट के कई देशों में हवाई सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हुई थीं। ईरान की जवाबी कार्रवाई के बाद खाड़ी क्षेत्र के बड़े हिस्सों में एयरस्पेस बंद करना पड़ा था जिससे न सिर्फ उड़ानें बाधित हुईं बल्कि कई देशों की अर्थव्यवस्था पर भी दबाव बढ़ा।
मिडिल ईस्ट संकट का पड़ा था गहरा असर
इस संकट का असर यूरोप और एशिया के बीच लंबी दूरी की उड़ानों पर भी पड़ा था, क्योंकि कई रूट्स सीमित या बदलने पड़े। यूएई के साथ-साथ इराक, जॉर्डन, कतर, बहरीन और कुवैत जैसे देशों ने भी अपने हवाई क्षेत्र को आंशिक या पूर्ण रूप से बंद किया था। इस दौरान एमिरेट्स और फ्लाईदुबई जैसी बड़ी एयरलाइंस ने अस्थायी रूप से सेवाएं रोक दी थीं।
एविएशन डेटा कंपनी सिरियम के मुताबिक, शुरुआती दिनों में इस संघर्ष के कारण 11,000 से अधिक उड़ानें रद्द करनी पड़ी थीं। यूएई ने फरवरी के अंत में हवाई क्षेत्र बंद किया था और मार्च में चरणबद्ध तरीके से उड़ानें दोबारा शुरू की गई थीं। 1 से 12 मार्च के बीच आंशिक संचालन के दौरान देश के एयरपोर्ट्स ने लगभग 14 लाख यात्रियों को संभाला और 7,839 उड़ानों का संचालन हुआ।
युद्ध विराम के बाद सामान्य हुए हालात
8 अप्रैल को युद्धविराम के बाद हालात धीरे-धीरे सामान्य होने लगे और अब सभी हवाई प्रतिबंध पूरी तरह हटा दिए गए हैं। इसके साथ ही क्षेत्र में हवाई सेवाओं की पूर्ण बहाली के संकेत मिल रहे हैं। कतर एयरवेज ने भी 10 मई से इराक के कुछ शहरों के लिए उड़ानें फिर से शुरू करने की घोषणा की है और जून मध्य तक 150 से अधिक गंतव्यों पर सेवाएं बहाल करने की योजना बनाई है।