ग्रेटर नोएडा(Greater Noida) प्राधिकरण की 143वीं बोर्ड बैठक में शहर के बुनियादी ढांचे और सुविधाओं को लेकर कई अहम निर्णय लिए गए। खासतौर पर यातायात को सुगम बनाने के उद्देश्य से दो बड़ी परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। इनमें 105 मीटर चौड़ी सड़क को गंगा एक्सप्रेसवे से जोड़ने की योजना और मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक हब से डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (WDFC) के समानांतर छह लेन एलिवेटेड रोड का निर्माण शामिल है।
CEO एनजी रवि कुमार द्वारा प्रस्तुत प्रस्ताव के आधार पर इन दोनों परियोजनाओं को मास्टर प्लान 2041 में शामिल करने पर भी सहमति बनी। इसके अलावा, आम लोगों को राहत देते हुए प्राधिकरण ने इस वर्ष पानी के शुल्क में किसी प्रकार की बढ़ोतरी नहीं करने का फैसला किया है।
हापुड़ बाइपास तक बढ़ाई जाएगी रोड
अल्फा-2 के सामने से गुजरने वाली 105 मीटर रोड को हापुड़ बाइपास तक विस्तारित किया जाएगा। करीब 37 किलोमीटर लंबी इस सड़क का कुछ हिस्सा पहले ही बन चुका है जबकि शेष निर्माण कार्य जल्द पूरा किया जाएगा। यह मार्ग हापुड़ बाइपास पर जाकर समाप्त होगा जहां से गंगा एक्सप्रेसवे की दूरी लगभग 15 किलोमीटर रह जाएगी।
इस सड़क के पूरी तरह तैयार हो जाने के बाद नोएडा और ग्रेटर नोएडा के लोगों के लिए गंगा एक्सप्रेसवे तक पहुंचना काफी आसान हो जाएगा और यात्रा समय घटकर लगभग 30 से 45 मिनट रह जाएगा। वहीं, प्रस्तावित एलिवेटेड रोड के बनने से औद्योगिक इकाइयों को भी बड़ा फायदा मिलेगा, क्योंकि माल को सीधे नोएडा एयरपोर्ट के कार्गो टर्मिनल तक पहुंचाना अधिक सुगम हो जाएगा।
पानी के दामों में नहीं होगी कोई बढ़ोतरी
पानी के दामों को लेकर भी इस बार बड़ा फैसला लिया गया है। वर्ष 2013-14 से हर साल 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी की परंपरा को इस बार रोक दिया गया है। स्थानीय निवासियों और आरडब्ल्यूए की मांग को ध्यान में रखते हुए बोर्ड ने 2026-27 के लिए जल शुल्क में बढ़ोतरी न करने का निर्णय लिया, जिससे लोगों को आर्थिक राहत मिलेगी।