दिल्ली में एक मई से ई-रिक्शा(E-rickshaw) का सफर महंगा होने जा रहा है। इलेक्ट्रिक व्हीकल फेडरेशन ने न्यूनतम किराया 10 रुपये से बढ़ाकर 20 रुपये करने का निर्णय लिया है। फेडरेशन का तर्क है कि साल 2010 के बाद से किराए में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई, जबकि ऑटो और टैक्सी के किराए इस दौरान दो बार बढ़ चुके हैं।
राजधानी में कितने E-rickshaw हैं पंजीकृत
राजधानी में फिलहाल 2.06 लाख से अधिक ई-रिक्शा पंजीकृत हैं, जबकि अनुमानित 1.5 लाख से ज्यादा बिना रजिस्ट्रेशन के भी सड़कों पर चल रहे हैं। शहर में लास्ट माइल कनेक्टिविटी के लिए ये एक अहम साधन माने जाते हैं ऐसे में किराया बढ़ने का असर सीधे तौर पर रोजाना यात्रा करने वाले लोगों पर पड़ेगा।
इस फैसले से जहां ई-रिक्शा चालकों को राहत मिलने की उम्मीद है, वहीं आम यात्रियों के लिए सफर थोड़ा महंगा हो जाएगा। बढ़ा हुआ किराया एक मई से लागू होगा, जिससे लाखों लोगों के दैनिक खर्च पर असर पड़ना तय है।