मध्य प्रदेश में एक रेल हादसा होते बाल-बाल बच गया, जहां एक लोको पायलट की समझदारी ने सैकड़ों यात्रियों की जान बचा ली। ग्वालियर-इंदौर रेल मार्ग(Gwalior-Indore railway line) के मक्सी-रुथियाई खंड में रेलवे ट्रैक के पास खेतों में लगी आग तेजी से फैल रही थी और हालात खतरनाक होते जा रहे थे।
बताया जा रहा है कि बीना-नागदा पैसेंजर ट्रेन के लोको पायलट ने स्थिति की गंभीरता को तुरंत समझ लिया। खतरे को देखते हुए उन्होंने ट्रेन को आगे बढ़ाने के बजाय करीब 4 किलोमीटर पीछे ले जाने का फैसला किया जिससे यात्रियों को संभावित हादसे से सुरक्षित दूरी पर पहुंचाया जा सका।
पराली जलने के कारण भड़की आग
यह घटना सोमवार (27 अप्रैल) दोपहर लगभग 12:45 बजे की है। अधिकारियों के अनुसार, खेतों में पराली जलाने के कारण आग भड़की थी जो तेज हवा की वजह से तेजी से रेलवे ट्रैक की ओर बढ़ने लगी। हालात बिगड़ते देख पायलट ने सूझबूझ दिखाते हुए तुरंत कार्रवाई की।
पायलट को किया जाएगा सम्मानित
इसी दौरान पीछे से आ रही साबरमती एक्सप्रेस को भी एहतियातन बियावरा स्टेशन पर रोक दिया गया। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इस रूट पर ट्रेन सेवाएं शाम करीब 4 बजे तक अस्थायी रूप से बंद रखी गईं।
भोपाल रेलवे मंडल के जनसंपर्क अधिकारी नवल अग्रवाल ने कहा कि लोको पायलट की सतर्कता के कारण एक बड़ा हादसा टल गया। रेलवे प्रशासन ने पायलट को सम्मानित करने का निर्णय लिया है। हालांकि, फिलहाल उनका नाम सार्वजनिक नहीं किया गया है। वहीं, खेतों में आग लगाने की घटना की जांच भी शुरू कर दी गई है।