CJI Suryakant on West Bengal Voting: कल पश्चिम बंगाल में पहले चरण के मतदान में 92% से अधिक वोटिंग हुई है जो एक नया रिकॉर्ड है, इससे देश के लोगों को लोकतंत्र और संविधान की मजबूती पर सकारात्मक संकेत मिला है। इस बंपर मतदान ने सुप्रीम कोर्ट तक का ध्यान खींचा और सुप्रीम कोर्ट ने भी इस पर खुशी जताई है।
CJI सूर्यकांत ने जताई खुशी
सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने पहले चरण में 92 प्रतिशत से अधिक मतदान पर खुशी जाहिर की है। उन्होंने कहा, ‘भारत के नागरिक के तौर पर मुझे लोगों को बढ़-चढ़कर मतदान करते देख खुशी हुई। यह लोकतंत्र की मजबूती के लिए जरूरी है।’
सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान उठा मुद्दा
शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) से जुड़े मामले की सुनवाई के दौरान इस मुद्दे को उठाया गया। इस दौरान चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल एम पंचौली की बेंच को जानकारी दी गई कि 23 अप्रैल 2026 को हुए पहले चरण के मतदान में 92 प्रतिशत से अधिक वोट डाले गए हैं।
92.88% मतदान का बना नया रिकॉर्ड
चुनाव आयोग ने जो ताजा आकड़ें जारी किए हैं उनके अनुसार, पहले चरण में 92.88% मतदाताओं ने वोट किया है, जो अब तक का एक रिकॉर्ड स्तर है। माना जा रहा है कि बैलट पेपर से डाले गए वोट जुड़ने के बाद यह प्रतिशत और बढ़ सकता है। इस बीच, कलकत्ता हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के निर्देश पर वोटर लिस्ट से नाम हटाए जाने के मामलों की सुनवाई के लिए 19 अपीलेट ट्रिब्यूनल बनाए गए हैं। इन ट्रिब्यूनलों की अध्यक्षता हाईकोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीशों और जजों द्वारा की जा रही है, जो प्रभावित लोगों की अपीलों पर विचार कर रहे हैं।
सुप्रीम कोर्ट का निर्देश
सुप्रीम कोर्ट ने मतदाता सूची से बाहर हुए लोगों से कहा है कि वे अपने लंबित मामलों के समाधान के लिए इन ट्रिब्यूनलों से संपर्क करें। अदालत ने कहा कि यही मंच ऐसे विवादों के समाधान के लिए उपयुक्त है। सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने भी पश्चिम बंगाल में शांतिपूर्ण और व्यवस्थित मतदान के लिए केंद्रीय सुरक्षा बलों की भूमिका की सराहना की। उन्होंने कहा कि भारी मतदान के बावजूद कानून-व्यवस्था बनाए रखना एक बड़ी उपलब्धि है।
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